विशेष संयोग में सावन का पहला सोमवार आज, ऐसे करें भोले भंडारी की पूजा जीवन में आएंगी खुशियां

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (22 जुलाई): आज सावन का पहला सोमवार है। इस मौके पर देशभर के शिवालयों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ लगी है। तमाम लोग अपने-अपने तरीके से भोले भंडारी की अराधाना में जुटे हैं। कई वर्षों बाद अबकी सावन चारों सोमवार में विशेष योग का संयोग बन रहा है। इस साल सावन महीने में चार सोमवार पड़ेंगे, जो बहुत ही अद्भुत संयोग है। सावन में दो सोमवार कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष में पंचमी तिथि को रहेगा। इनमें से दो सोमवार के साथ प्रदोष व्रत का भी संयोग बनेगा। जानकारों की मानें तो पहले और तीसरे सोमवार को पंचमी तो दूसरे और चौथे सोमवार को त्रियोदशी पड़ रही है। इस योग में विधि विधान से पूजन अक्षय पुण्य देने वाला होगा। इस दौरान भगवान शिव जलाभिषेक मात्र से प्रसन्न हो जाएंगे और शैव उपाषकों पर विशेष कृपा बरसेगी।

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इस मौके पर उज्जैन के महाकाल मंदिर में भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा है। उज्जैन के महाकाल मंदिर में सावन के पहले सोमवार को भस्मारती हुई। भस्मारती के लिए देर रात से मंदिर में भक्तों का तांता लगना शुरु हो गया था। तमाम लोग भोले भंडारी की जयकारों के साथ महादेव की अराधना में जुटे हैं।

पूजा विधि-सोमवार को शिव मंदिर जाकर शुद्ध आसन पर बैठकर शिवलिंग का जलाभिषेक करें। 108 बेलपत्र पर राम नाम लिखकर चढ़ाएं। गाय का दूध लें। पहले दूध अर्पित करें। अब इत्र से भगवान को स्नान कराके गुलाल लगाएं। फिर गंगाजल से शिव जी का अभिषेक करें। शहद भी अर्पित करें। पूरे शिवलिंग को पुष्पों, बेलपत्र तथा अबीर , गुलाल, चंदन से समर्पित कर श्रृंगार करें।पीली धोती शिवलिंग पर चढ़ाएं। माता पार्वती को चुनरी चढ़ाएं। पूरे शिव परिवार को जल दें।

भोले बाबा सभी देवो में सबसे सरल और भोले माने गए हैं। इन्‍हें हिंदू धर्म में बड़ी श्रद्धा के साथ पूजा जाता है। माना जाता है कि सावन में शिव जी का व्रत रखने से कुंवारी कन्‍याओं को मनचाहा वर और कुवारें लड़कों को मनचाही वधु की प्राप्‍ति होती है। यदि आपने भी भोले बाबा को प्रसन्‍न करने के लिये सावन सोमवार का व्रत रखा है तो बताए गए शुभ मुहूर्त में जल चढ़ाएं।

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विवाह संबंधित बाधाओं के लिए उपाय-

- 108 बेल पत्र ले लें

- हर बेलपत्र पर चन्दन से "राम" लिखें

- इसके बाद एक-एक करके सारे बेलपत्र शिव लिंग पर अर्पित कर दें

- शीघ्र विवाह की प्रार्थना करें

सावन में मुख्य रूप से शिव लिंग की पूजा होती है और उस पर जल तथा बेल पत्र अर्पित किया जाता है। अगर सावन के हर सोमवार को विधि पूर्वक भगवान शिव की आराधना करते हैं तो तमाम समस्याओं से मुक्ति पा सकते हैं।

संतान होने में आ रही बाधाओं के लिए उपाय...

- शिव जी के मंदिर जाएं

- शिव लिंग पर घी अर्पित करें

- फिर उन्हें जल की धारा चढ़ाएं

- संतान प्राप्ति की प्रार्थना करें