बड़ी राहत: सरकार ने इन बचत योजनाओं में नहीं घटाई ब्याज दर

नई दिल्ली (2 जनवरी): नोटबंदी के बाद बैंकों के पास इतना पैसा आ गया है कि लोगों के सेविंग अकाउंट और एफडी पर ब्याज दरों में कटौती करनी पड़ी। लेकिन सरकार ने पीपीएफ और किसान विकास पत्र जैसी लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दर में कोई परिवर्तन नहीं किया।


सरकार ने लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों की तिमाही समीक्षा की नई व्यवस्था पिछले साल अप्रैल से शुरू की है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है कि पीपीएफ पर आठ प्रतिशत वार्षिक की मौजूदा ब्याज दर जनवरी-मार्च तिमाही में भी बनी रहेगी।


- पांच साल की परिपक्वता वाले राष्ट्रीय बचत पत्र (एनएससी) पर भी यही दर लागू होगी।

- 112 महीनों की परिपक्वता वाले किसान विकास पत्र पर ब्याज दर 7.7 प्रतिशत वार्षिक पर अपरिवर्तित रखी गई है।

- सुकन्या समृद्धि खाता योजना पर 8.5 प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (पांच वर्ष) पर 8.5 प्रतिशत ब्याज दर में भी बदलाव नहीं हुआ।

- पांच साल के आवर्ती जमाओं पर जनवरी-मार्च तिमाही में ब्याज दर 7.3 प्रतिशत पर बनी रहेगी।

- बचत खातों पर लोगों को चार प्रतिशत की दर से और एक से पांच वर्ष की मियाद वाली बैंक जमाओं पर 7-7.8 प्रतिशत का ब्याज चल रहा है।

- पांच साल वाली रिक्रूरिंग डिपॉजिट पर सालाना 7.3 प्रतिशत का ब्‍याज इस तिमाही में भी मिलता रहेगा।