इस क्रिकेटर ने लिया संन्यास, कहा, सचिन को आउट करना करियर का यादगार लम्हा

नई दिल्ली(10 जून): बंगाल क्रिकेट टीम के ऑफ स्पिन गेंदबाज सौराशिष लाहिड़ी ने गुरुवार को 17 साल खेलने के बाद प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। लाहिड़ी ने अपने संन्यास का ऐलान करते हुए कहा कि यह यादगार सफर था। एक शानदार सफर। बंगाल के लिए 100 मैच खेलना मेरे लिए गर्व की बात है।

गेंदबाज ने कहा कि 2006-07 में रणजी ट्रॉफी सुपर लीग के फाइनल में सचिन तेंदुलकर को आउट करना उनके करियर का यादगार लम्हा है। उन्होंने कहा कि तेंदुलकर को दो बार आउट करने के बाद मैं और कुछ नहीं मांग सकता।लाहिड़ी ने अपने बल्ले से भी अच्छा प्रदर्शन किया था। उन्होंने 2015 में अपने 100वें मैच में 48 रनों की नाबाद पारी खेल मध्य प्रदेश के खिलाफ हुआ मैच ड्रॉ करवाया था।

अगले सत्र में उन्हें हालांकि टीम से बाहर कर दिया गया था क्योंकि बंगाल ने बाएं हाथ के स्पिनर प्रज्ञान ओझा को टीम में शामिल कर लिया था। लाहिड़ी ने कहा कि उन्हें किसी चीज का पछतावा नहीं है।
उन्होंने कहा कि हां, शुरुआत में काफी निराशा हुई थी, लेकिन मुझे पछतावा नहीं है। हर कोई मेरे लिए खड़ा रहा।

बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने लाहिड़ी की प्रशंसा की। गांगुली ने कहा कि उन्होंने 17 साल तक क्रिकेट खेला है। वह मेरे पास आए और कहा कि वह अब कोचिंग करना चाहते हैं। मैंने कहा यह अच्छी बात है।

लाहिड़ी ने 100 प्रथम श्रेणी मैचों में 256 विकेट लिए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन सात विकेट पर 62 रन है। उन्होंने बंगाल और कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए 76 लिस्ट ए मैच और 22 टी-20 मैच भी खेले हैं। सीएबी के सचिव अविषेक डालमिया ने उनके संन्यास पर एक बयान जारी कर कहा कि बंगाल क्रिकेट में उनका योगदान शानदार है। मैं इस बात से खुश हूं कि उन्होंने चर्चा के दौरान निकट भविष्य में बंगाल क्रिकेट को अपनी सेवा देने के लिए हां कर दी है।