सऊदी अरब में नौकरी का सपना देखने वालों के लिए बड़ा झटका


नई दिल्ली (24 अगस्त): एक दिन पहले कतर से भारतीय कामगारों के लिए अच्छी खबर आई थी, लेकिन आज सऊद अरब में रोजगार की तलाश में गए भारतीयों को जोरदार झटका लगा है। सऊदी अरब की संशोधित निताकत (सऊदीकरण) स्कीम के तहत सितंबर 2017 से वहां की कुछ कंपनियां ही विदेशी एंप्लॉयीज को अपने यहां नौकरी पर रखने के लिए नए ब्लॉक वीजा का आवेदन कर पाएंगी।

इस स्कीम के तहत वही कंपनियां आएंगी, जिन्होंने अपने यहां सऊदी एंप्लॉयीज की संख्या और अन्य मानदंडों के आधार पर हाई ग्रेड्स हासिल किया है। सऊदियों को रोजगार के ज्यादा मौके उपलब्ध कराने के मकसद से तैयार संशोधित निताकत स्कीम के दायरे में छह या छह से ज्यादा कर्मचारियों वाली प्राइवेट कंपनियां आ जाएंगी, जबकि पहले यह सीमा 10 कर्मचारियों की थी। प्लैटिनम और हाई ग्रीन कैटिगरीज में आनेवाले ऑर्गनाइजेशन ही नए ब्लॉक वीजा अप्लाइ कर सकेंगे।

सऊदी अरब में निताकत सिस्टम सबसे पहले साल 2011 के मध्य में लागू किया गया। इसके तहत एंप्लॉयरों को चार केटिगरीज में बांट दिया गया है- प्लैटिनम, ग्रीन (इसकी भी तीन कैटिगरी है- हाई, मीडियम और लो), येलो और रेड। प्लैटिनम कैटिगरी में आनेवाली कंपनियों में आम तौर पर 40 प्रतिशत या इससे ज्यादा स्थानीय कर्मचारी होते हैं।

- साल 2016 में सऊदी अरब में करीब 25 लाख भारतीय काम कर रहे थे।
- साल 2016 में सऊदी अरब ने सिर्फ 1.65 लाख भारतीयों को ही आने की अनुमति दी थी जो साल 2015 के मुकालबे 46 प्रतिशत कम है।
- 2016 में भारत के जिन राज्यों से ज्यादा लोग सऊदी अरब गए थे, उनमें उत्तर प्रदेश, प. बंगाल, बिहार और केरल टॉप पर थे।