सऊदी अरब का 'कट्टर इस्लाम' दुनिया में बढ़ते आतंक का कारण?

नई दिल्ली (26 अगस्त): अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए विरोधी पार्टियों के उम्मीदवार हिलरी क्लिंटन और डॉनल्ड ट्रंप के बीच मतभेद दुनिया के सामने आता रहता है। भले ही बाकी सभी बातों को लेकर दोनों के बीच मतभेद हो, लेकिन एक मसला ऐसा है जहां दोनों में एकराय है। दोनों ही इस्लाम में कट्टरता के पीछे सऊदी अरब की उग्र मान्यताओं को दोषी मानते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, हिलरी क्लिंटन ने कहा है कि सऊदी उन रैडिकल स्कूलों और मस्जिदों को अपना समर्थन देता है, जो युवाओं को उग्रवाद के रास्ते पर भेज रहे हैं। वहीं, ट्रंप सऊदी को आतंकवाद का सबसे बड़ा फंडर मानते हैं।

- आपको बता दें, कुछ ऐसी ही राय मुस्लिम देशों में दूत के तौर पर तैनात रहे और 80 देशों में घूम चुके फराह पंडित का भी है। - फराह पंडित लिखते हैं कि अगर सऊदी खुद को नहीं रोकेगा तो इसके कूटनीतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दुष्परिणाम उठाने पड़ेंगे। - दुनियाभर के टीवी पंडित और कॉलमनिस्ट जिहादी हिंसाओं के लिए सऊदी को दोषी ठहराते आए हैं। - एचबीओ के बिल महर ने भी सऊदी की शिक्षा को 'मध्ययुगीन' करार दिया। - इंटरनेशनल स्कॉलर फरीद जकारिया ने वॉशिंगटन पोस्ट में लिखा कि 'सऊदी ने इस्लाम की दुनिया में एक राक्षस को पैदा किया।' - उन्होंने कहा, "अब यह विचार आम हो गया कि सऊदी कठोर, धर्मांध, पितृसत्तात्मक और कट्टरपंथी इस्लाम 'वहाबीवाद' को शुरू करने वाला है।"0 - इसके आगे जकारिया ने कहा, "इस वहाबी विचारधारा से वैश्विक उग्रवाद और आतंकवाद को ईंधन मिलता है।" - उन्होंने कहा, "दुनिया भर में जितनी तेजी से आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट के हमले बढ़े हैं, इस्लाम पर सऊदी प्रभाव की एक पुरानी बहस प्रासंगिक हो गई है।"