नौकरी के नाम पर भेजा सऊदी अरब और फिर...

नरेंद्र/भूपेंद्र सिंह, अहमदाबाद (22 मार्च): सऊदी अरब में नौकरी के बहाने किस तरह भारतीय महिलाओ को नरक में धकेल दिया जाता है। इसका एक ताजा मामला सामने आया है। ब्यूटी पार्लर के काम के बहाने महिलाएं सऊदी ले जाई गई, लेकिन उनसे जिस्मफरोशी कराने की कोशिश की गई। इतना ही नहीं विरोध करने पर उसे बुरी तरह प्रताड़ित किया गया।


अहमदाबाद की हाफीजा बानू और हैदराबाद की फातिमा उन बेबस लड़कियों के अलग-अलग नाम हैं, लेकिन सभी की दर्दनांक दास्तां एक जैसी है। अगमदाबाद की हाफिजा बानो के दर्द का ज्वालामुखी अपनों को देखते ही फुट पड़ा, सऊदी के नरक से लौटी हाफिज अहमदाबाद अपने घरवालो को देखकर काबू नहीं रख पाई और फुट-फुटकर रोने लगी। हाफिज के ये आंसू उस दर्द और यातना की गवाही दे रहे है जो उसने सऊदी अरब में झेला है।


हाफिजा को अहमदाबाद की एजेंट रेहाना मालिक और मुंबई के एजेंट फारूक मंसूरी ने एक साल पहले ब्यूटी पार्लर का काम दिलाने के बहाने उसे सऊदी अरब भेज था, लेकिन वहां ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। हाफीजा से रियाद शहर में शुरू में घर का काम कराया जाता था, फिर उसे उत्तेजक कपडे़ पहन बाहर जाने को कहा जाने लगा। लेकिन हाफीजा ने इनकार कर दिया, जिसके बाद उसके साथ मारपीट की गई। उसने भागने की कोशिश की तो उसके पांव में इंजेक्शन देकर उसे सुन्न कर दिया गया। अपनी इज़्ज़त बचाने के लिए हाफीजा कई दिन तक अपने आपको को कमरे में बंद रखती थी।


हाफीजा को कई दिनों तक भूखा भी रखा जाता था। हाफीजा की माने तो सऊदी में उसकी तरह ना जाने कितनी भारतीय महिलाएं हैं जो इसी तरह किसी काम के बहाने लाई गई थी और बाद में उनसे जिस्मफरोशी कराई जा रही है। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में अहमदाबाद की एजेंट रेहाना और मुंबई के एजेंट फारूक को गिरफ्तार कर लिया है।


धोलका की रहने वाली हाफीजा को गुजरात सरकार और विदेश मंत्रालय की मदद से सऊदी अरब से वापस लाया गया। इससे पहले हैदराबाद की अंजुम फातिमा भी सऊदी के नरक से वापस आकर जो आपबीती सुनाई। इस पूरे मामले ने एक बात तो साफ़ कर दी है कि ये मामला काफी गंभीर और बड़ा है। भारत से बड़े पैमाने पर दलालों के जरिए नौकरी के बहाने महिलाओं को सऊदी भेजा जा रहा है और उनसे जिस्मफरोशी करवाई जा रही है या फिर महिलाओं पर जुल्म ढाए जा रहे हैं। इसीलिए पुलिस ह्यूमन ट्रैफिकिंग के इस रैकेट को गंभीरता से लेकर हर पहलू से जांच कर रही है।