ईरान के बाद अफगानिस्तान पर पाबंदी, 40 से कम उम्र वालों को हज वीज़ा नहीं देगा सऊदी अरब

नई दिल्ली (7जून): सऊदी अरब ने अफगानिस्तान को बड़ा झटका दिया है। इज़राइल के पद चिन्हों पर चलते हुए सऊदी अरब ने धार्मिक अनुष्ठानों में उम्र का प्रतिबंध लागू किया है। सबसे पहले इजराइल ने फिलिस्तीनियों को विवादित इलाकों की मस्जिदों में साठ साल से कम उम्र के मुस्लिमों के नमाज़ पढने पर रोक लगायी थी। इसी तरह अब सऊदी अरब ने कहा है कि चालीस साल से कम उम्र वाले अफगानियों को हज्ज-उमरा का वीज़ा नहीं दिया जाएगा। सऊदी अरब के इस फरमान के बाद अफगानिस्तान के विदेशमंत्रालय ने सऊदी राजदूत को तलब लेकि  सऊदी राजदूत कोई संतोषनजनक जवाब नहीं दे पाये।

अफगानिस्तान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता शकीब मुस्तग़नी का कहना है कि इस संदर्भ में एक प्रतिनिधिमंडल सऊदी अरब भेजने का फैसला किया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अफगानिस्तान के चालीस साल से कम उम्र रखने वालों को उमरा का वीज़ा क्यों नहीं दिया जायेगा। बीते साल भी सऊदी अरब ने तीस साल से कम उम्र वाले अफगानियों को वीज़ा देने से इन्कार कर दिया था।सऊदी अरब ने इस साल ईरानियों को भी हज का वीज़ा देने से इन्कार कर दिया है। सऊदी अरब ने ईरानी नागरिकों को वीज़ा देने के लिए कई शर्तें रखी और ईरान से एक दस्तावेज़ पर दस्तखत करने को कहा, जिसमें ईरानी हाजियों पर कई प्रकार की पाबंदियां शामिल थीं। ईरान ने पाबंदियों पर दस्तखत से इंकार कर दिया था। 

सऊदी अरब की ईरानी हाजियों की शर्तों में से एक शर्त यह भी थी कि ईरानी सरकार यह वादा करे कि उसके हज यात्री मक्का या मदीना में ऊंची आवाज़ में दुआ नहीं पढ़ेंगे और न ही अमरीका व इस्राईल के खिलाफ नारे लगाने के लिए किसी स्थान पर एकत्रित होंगे। धार्मिक संस्कारों के लिए आयु की शर्त लगाने का काम इस्राईल ने शुरु किया है।इस्राईल फिलिस्तीन के बैतुलमुक़द्दस में जुमा की नमाज़ के लिए मस्जिदुल अक़्सा में प्रवेश की अनुमति केवल उन फिलिस्तीनियों को देता है जिनकी आयु साठ साल से ऊपर हो।