सऊदी अरब के ख़िलाफ़ वोट करने के लिए ब्रिटिश पीएम पर दबाव

लंदन (19 अगस्त) :  ब्रिटेन में राजनेताओं और कैम्पेनर्स का प्रधानमंत्री थेरेसा मे पर दबाव है कि वो सऊदी अरब को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC)  से बाहर ही रखने के लिए वोट करे। इसके लिए सऊदी अरब की यमन में बमबारी, सिर कलम कर कैदियों को मौत की सज़ा दिए जाना जैसी घटनाओं का हवाला दिया गया है।  

इंडीपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन में प्रधानमंत्री से विश्व मानवता दिवस पर इस आशय का आग्रह किया गया। बता दें कि सऊदी अरब को लेकर शीघ्र ही संयुक्त राष्ट्र में निर्णायक वोटिंग होने वाली है। इस वोटिंग से तय होगा कि सऊदी अरब को UNHRC में दोबारा सीट मिलेगी या नहीं।

ब्रिटेन में ये मुद्दा इसलिए भी ज्याद विवादित है क्योंकि सऊदी अरब के राजदूत को UNHRC से जुड़े एक पैनल में अहम ज़िम्मेदारी दी गई थी। सऊदी अरब में मानवाधिकारों के उल्लंघन की रिपोर्ट्स से बावजूद ब्रिटेन के मंत्री ये आश्वासन देने को तैयार नहीं हैं कि वो सऊदी अरब का समर्थन करेंगे या नहीं।

बता दें कि अभी ब्रिटेन में ऐसी डील्स का भी खुलासा हुआ है जिनके तहत ब्रिटेन की ओर से सऊदी अरब को बड़ी संख्या में मिलिट्री एयरक्राफ्ट, बम और हथियार बेचे जाना शामिल है। इनमें से कुछ के यमन में इस्तेमाल किए जाने की भी बात सामने आई है।

ब्रिटेन में सब की नज़रें इस बात पर हैं कि अक्टूबर में संयुक्त राष्ट्र में होने वाली वोटिंग में थेरेसा मे सरकार सऊदी अरब को लेकर कैसा रुख अपनाती है। कुछ लोगों का कहना है कि इससे पता चल जाएगा कि ब्रिटेन सरका मानवाधिकारों को लेकर कितनी गंभीर है।