सऊदी अरब में भारतीयों की मुसीबत बढी, इन वजह से वापस आ रहे लोग


नई दिल्ली(21 जून): सऊदी अरब में रह रहे भारतीयों के लिए मुसीबत बढने वाली है। 1 जुलाई से भारतीय परिवार में रहने वाले निर्भरों पर 100 रियाल का टैक्स लगने जा रहा है। 


- परिवार में मौजूद प्रत्येक निर्भर पर यह 100 रियाल प्रति महीने का टैक्स लगेगा। इस आर्थिक बोझ को देखते हुए वहां रहने वाले कई लोग अपने परिवार के सदस्यों को वापस देश भेजने के बारे में सोच रहे हैं।


- सऊदी में रह रहे भारतीयों के लिए 100 रियाल (लगभग 1700 रुपए) प्रति महीने हरेक निर्भर सदस्य के लिए देना एक बड़ा बोझ है। सऊदी में इस वक्त अनुमान के तौर पर 41 लाख भारतीय रहे रहे हैं, जो कि वहां रहने वाले दूसरे किसी भी देश के निवासियों में सबसे अधिक है।


- सऊदी अरब में जिन लोगों की मासिक आय 5 हजार रियाल (भारतीय रुपए में लगभग 86000) से अधिक होती है उन्हें ही फैमिली वीजा दिया जाता है। अगर वहां कोई भारतीय परिवार पत्नी और 2 बच्चों के साथ रह रहा है तो उसे हर महीने 300 रियाल टैक्स के तौर पर चुकाना होगा। 


- भारतीय रुपए में 5100 रुपए के करीब पड़ने वाली यह मार उन परिवारों के लिए बड़ी है। यह 100 रियाल का टैक्स 2020 तक लागू रहने की संभावना है।


- इन सबसे बढ़कर भारतीयों को सऊदी में अपने परिजनों के लिए यह टैक्स अडवांस के तौर पर देना होगा। अगर किसी शख्स की पत्नी एक साल के लिए सऊदी में रहने वाली है तो उसे 1200 रियाल अडवांस में ही जमा करने होंगे। रिकमा (रेजिडेंट परमिट) के अगली बार नवीकरण होने से पहले ही यह रकम चुकानी होगी। यदि किसी परिवार में 3 आश्रित सदस्य हैं तो 3600 रियाल भारतीय रुपए में 62000 रुपए अडवांस में ही देने होंगे।