टेरर फंडिंग: अमेरिका को बड़ा झटका, पाकिस्तान के बचाव में उतरे सऊदी अरब, चीन और तुर्की

नई दिल्ली (23 फरवरी): इंटरनेशनल टैरर फंडिंग वाले देशों में पाकिस्तान के नाम की चर्चा होने पर चीन, सऊदी अरब और तुर्की उसके बचाव में उतर आए हैं। इससे अमेरिका को बड़ा झटका लगा है। चीन, सऊदी अरब और तुर्की के बचाव में आने के बाद पाक को आतंक पोषित देशों की सूची में डालने का मार्ग मुश्किल हो गया है।

पाकिस्तान के बचाव इन देशों के आने के बाद ट्रंप प्रशासन ने पैरिस स्थित फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स (FATF) की बैठक में गुप्त रूप से काम करना शुरू कर दिया है। बता दें कि FATF एक इंटरनेशल आॅर्गनाइजेशन है, जो मनी टैरर फंडिंग व मनी लॉन्डिंग से जुड़े मामलों पर नजर रखता है। 

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह पहला विरला मामला है जिसमें सऊदी अरब और ट्रंप प्रशासन के बीच सहमति नहीं बन पाई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सऊदी अरब खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) की वजह से ऐसा कर रहा है। पाकिस्तान ने बुधवार (21 फरवरी) को दावा किया था कि उसने अमेरिका के उसे आतंकवाद के वित्तपोषण की निगरानी सूची में डालने का प्रयास विफल कर दिया है। पेरिस के अंतरराष्ट्रीय वॉचडॉग ने उसे इस मामले में तीन महीने की छूट दे दी है।