सऊदी अरब ने छोड़ दिया इस्लामिक कैलेंडर

रियाद (3 अक्टूबर): सउदी अरब सरकार ने तय किया है कि वो कर्माचारियों को हिजरी कैलेंडर की बजाय ग्रेगोरियन

कैलेंडर के हिसाब से सैलेरी देगी। ऐसा इसलिए किया गया है, क्योंकि सरकार अपने खर्च कम करना चाहती है।

दरअसल ग्रेगोरियन कैलेंडर के मुकाबले हिजरी कैलेंडर चांद निकलने के हिसाब से दिन तय करता है, जिससे साल

के दिन कम हो जाते हैं। ऐसे में जब दुनियभर में काम हो रहा होता है तो सउदी अरब में लोग छुट्टी पर होते हैं।

गौरतलब है कि सऊदी अरब दुनिया का सबसे बड़ा तेल निर्यातक देश है। पिछले दो सालों से जिस तरह दुनियभर

में कच्चे तेल की कीमतों में कमी आ रही है ऐसे में सऊदी अरब सरकार चाहती है कि खर्च में कमी की जाए।

पिछले हफ्ते कैबिनेट ने मंत्रियों की सैलेरी में 20 फीसदी की कटौती का प्रस्ताव पारित किया था इसके अलावा

सरकारी नौकरी करने वाले छोटे रैंक के कर्मचारियों के भत्ते में भी कमी की थी।