सऊदी अरब में फंसे श्रमिकों ने ठुकराई फ्री फ्लाइट की ऑफर

नई दिल्ली (19 अगस्त) :  सऊदी अरब में हज़ारों प्रवासी श्रमिकों ने अपने अपने देशों में लौटने के लिए सरकार की मुफ्त फ्लाइट की पेशकश को ठुकरा दिया है। इन श्रमिकों का कहना है कि पहले उनकी महीनों की फंसी हुई सैलरी का भुगतान किया जाए। ये श्रमिक कंस्ट्रक्शन के काम में लगे हुए थे लेकिन कंपनियों के काम बंद करने की वजह से इन्हें बहुत मुश्किल हालात में कैंपों में रहना पड़ रहा है।

रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी ओजेर फर्म के लिए काम करने वाले एक श्रमिक ने बताया कि वो उसे इस साल जनवरी से सैलरी नहीं मिली। चार महीने पहले उसने काम करना बंद कर दिया।  

सऊदी श्रम मंत्री मुफारेज अल हकबानी का कहना है कि हमारे पास एक करोड़ विदेशी श्रमिक है जो शिकायत नहीं कर रहे हैं। सिर्फ एक कंपनी के 30,000 श्रमिकों की बात है। उन्हें जर्नलाइज्ड नहीं किया जाना चाहिए।

बता दें कि सऊदी ओजेर लेबनान के पूर्व पीएम साद हरीरी की कंपनी है। इस कंपनी ने कैंपों में श्रमिकों को बुनियादी सेवाएं भी देना बंद कर दिया है। संपर्क किए जाने पर इस कंपनी ने कोई बयान देने से इनकार किया।

सऊदी ओजेर के लिए काम करने वाले एक भारतीय श्रमिक मोहम्मद मोसाद ने कहा, "जनवरी से सैलरी नहीं मिलने से मेरा परिवार बड़ी समस्या में है। मेरे बच्चे की स्कूल में फीस नहीं जमा हुई। बिजली का बिल देने के लिए पैसा नहीं है। परिवार को खाने को लाले हैं।"   

पाकिस्तान के मोहम्मद रियास ने कहा कि "मैं यहां कमरे में खाली बैठा वक्त बर्बाद कर रहा हूं। मैं पाकिस्तान जाना चाहता हूं लेकिन नहीं जा सकता। आखिर इतने साल की अपनी कमाई कैसे छोड़ दूं।"  

भारत, पाकिस्तान और फिलीपींस सऊदी सरकार पर इन श्रमिकों की मदद के लिए लगातार दबाव दे रहे हैं। वहीं सऊदी अरब के श्रम मंत्रालय का कहना है कि वो अपने कानून के तहत ही सैलरी संबंधी समस्याओं को दूर करेगा।