बेटे के गुमराह होने का पता नहीं था: सैफुल्लाह के पिता

नई दिल्ली(9 मार्च): लखनऊ के ठाकुरगंज में 7 मार्च को एनकाउंटर के दौरान मारे गए आतंकी सैफुल्लाह के पिता मोहम्मद सरताज ने कहा है कि वो भी अपने बेटे से प्रेम करते थे, लेकिन जो उसने किया, वो गलत था।

-सरताज ने कहा- हमें पता ही नहीं चला बेटा गुमराह हो रहा है। घर में सैफुल के नाम से पुकारे जाने वाले इस संदिग्ध आतंकी के पिता ने कहा कि सरकार को वॉट्सएप जैसी चीजों पर फौरन रोक लगानी चाहिए। बता दें कि गुरुवार को संसद में राजनाथ सिंह ने सरताज की तारीफ की थी।

-सैफुल्लाह के पिता सरताज ने कहा, “बेटे से हमें भी प्रेम था। हमें नहीं पता था कि उसका ब्रेन वॉश हो रहा था। एक दिन हमने उसे डांटा। वो नाराज हो गया। शाम को जब मैं घर लौटा तो पता लगा कि वो घर छोड़कर चला गया। मैंने बड़े लड़के से कहा कि अब तुम्हारे ऊपर घर की जिम्मेदारी है। ढाई-तीन महीने तक उसका कोई फोन नहीं आया। इसी वक्त में वो बिगड़ा। किसने उसे गुमराह किया, किसकी संगत में इस दौरान वो रहता रहा। ये हमें समझ नहीं आया।”

- सैफुल्लाह के पिता ने एक सवाल पर कहा, “आतंकियों का कोई मजहब नहीं होता। फिर चाहे वो हिंदू परिवार से हो या मुस्लिम परिवार से। बचपन से नजर रखें तो बच्चों बचाया जा सकता है। उसके पास जो मोबाइल था, उसमें स्क्रीन नहीं थी। वो सिर्फ बटन दबाता रहता था। एक बात मैं जरूर कहना चाहता हूं कि मोबाइल पर वॉट्सएप वगैरह की वजह से बच्चे गलत संगत में पढ़ जाते हैं। मैं भारत सरकार से मांग करता हूं कि वो इस तरह की चीजों पर फौरन रोक लगाए।”

- सरताज ने कहा, “सैफुल्लाह किसी का भी मोबाइल उठा लेता था। दानिश हमारे बड़े भाई का लड़का था। हमारे घर में इस तरह की तालीम नहीं दी जाती थी। वो ढाई तीन महीने घर से बाहर रहा और इस दौरान ही बिगड़ा।”

- “लैपटॉप में सारे गाने सुनता था। हमने भी उसे ऐसा करते देखा था। जिस वक्त मैं लौट के आया तो पता लगा कि वो चला गया है। भाई से कह के गया था कि अब कभी लौट के नहीं आएगा।”

- राजनाथ द्वारा संसद में तारीफ किए जाने के सवाल पर सरताज ने कहा, “हम उनके शुक्रगुजार हैं। देश के रक्षामंत्री (गलती से राजनाथ को होम मिनिस्टर की जगह डिफेंस मिनिस्टर कहा) हमें सलाम करते हैं। वो महान आदमी हैं, जिन्होंने हम जैसे छोटे आदमी को सलाम किया। हम उनके शुक्रगुजार हैं।”