सोती रही वसुंधरा सरकार, सरिस्का पार्क की करोड़ों की जमीन को बाबाओं ने कब्जाया

राजेन्द्र शर्मा, केजे. श्रीवत्सन, अलवर (13 मार्च): अलवर का सरिस्का नेशनल पार्क जोकि बाघों के लिए जाना जाता है, लेकिन बाघों का ये कुदरती घर अब साधु बाबाओं के कब्जे में हैं। इतना ही नहीं पुलिस और प्रशासन को भी यहां आने की इजाज़त नहीं है। बाबा जंगल में मंगल कर रहे हैं। वसुंधरा सरकार मूकदर्शक बनी हुई ये सब देख रही है।

सरिस्का नेशनल पार्क को देश ही नहीं बल्कि विदेशों के भी पर्यटक भी बाघों के प्राकृतिक घर को देखने के लिए आते हैं, लेकिन बाघों का ये घर उनसे छीना जा रहा है। बाघों के घर को छीनने वाला कोई ऩहीं बल्कि धर्म के वो ठेकेदार है जो खुद को साधु और संत कहते हैं। बाबाओं की तादात एक दो नहीं बल्कि 100 के करीब है, जो इन बेजुबानों के घर पर अवैध कब्जा करके बैठे हैं।

वहीं अगर अधिकारी की माने तो जंगल की करीब 300 बीघा जमीन इस वक्त बाबाओं के कब्जे में है। जंगल की जमीन पर किसी बाबा ने अपना आश्रम बना लिया है। किसी ने रहने के लिए दो मंजिला मकान बना लिया। कोई गांजे अफीम की खेती कर रहा है तो कोई विदेश कुत्तों को बेचता है। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि ज्यादातर घरों में बाबा नहीं रहते उनके चेले रहते हैं। यहां बाबओं के ऐसे आश्रम और मंदिर है, जहां न तो पूजा होती है और न ही को भक्त आता है। यहां अगर किसी को जाने की इजाज़त है तो वो हैं बाबा के चेले, जो हर वक्त यहां रहते हैं।

बाबाओं ने सरिस्का में केवल अतिक्रमण ही नहीं किया बल्कि पुलिस और प्रशासन की एंट्री भी बंद करा दी है। बलबीर नाम के बाबा ने जंगल के कोर एरिया को पूरी तरह से अपने कब्जे में ले रखा है। बलबीर दास मीणा ने नक्सली तर्ज पर करीब तीन किलोमीटर पहाड़ी दर्रे पर कब्जा किया हुआ है। उसने यहां पर बड़ा सा घर बना लिया है, चारों ओर बाउंड्री और गेट लगा है, जिससे कोई अंदर जाने की हिम्मत नहीं कर सके। बाबा ने यहां एक बोर्ड भी लगा रखा है, जिस पर चेतवानी लिखी हुई है कि अगर उसकी इजाज़त के बगैर कोई अंदर आया तो उसके साथ बुरा बर्ताव होगा। इस जगह पर जाकर जब न्यूज़ 24 की टीम ने जाकर बाबा की असलियत जानने की कोशिश की तो यहां मौजूद महिला ने अन्दर आने से ही रोक दिया। सबसे चौंकाने वाली बात ये कि इन बाबाओं के पास बंदूक तक रहती है।

आपको बता दें कि सरकार सरिस्का को टाइगर रिजर्व संरक्षित घोषित कर चुकी है और जंगलों के आस-पास रहने वाले लोगों को गांवों को बेदखल कर रही है। अब तक 4 गांवों के लोगों को सरिस्का के कोर एरिया से बाहर निकाला जा चुका है, लेकिन बावजूद इसके यहां 100 से ज्यादा बाबा-गुरुओं ने जंगल में मंदिर-मजार के नाम पर पक्के निर्माण कर लिए हैं। बाघों के लिए के लिए रिजर्व इलाके में ये गुंडे बाबा कब्जा कर रहे हैं और वसुंधरा सरकार चुप बैठी ये सब देख रही है।

सरकार की उदासीनता ने बाबाओं के हिम्मत इतनी बढ़ा दी है कि बाबा खुलकर जमीन की कीमत भी बता रहा है। धौला नाम के एक बाबा ने तो अपनी कब्जा की हुई जमीन का रेट भी तय कर रखा है। इसे ये कहने में जरा भी डर नहीं कि इसके पास 12 बीघा जमीन है, जिसकी कीमत 12 करोड़ होगी। ये बाबा SUV से चलते हैं और अपने पास आईफोन रखते है। बाबाओं ने जिस जगह पर कब्ज़ा किया है वो अरबों की है, लेकिन टाईगर के लिए सुरक्षित होने के चलते यहां किसी को भी पक्के मकान तो क्या रहने तक की इजाजत नहीं है।

वीडियो: