कभी फुटबाल खरीदने के लिए नहीं थे पैसे, आज बने सीएम

नई दिल्ली (24 मई): असम में पहली बार बीजेपी का परचम लहराने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके शपथ ग्रहण समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी, बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, लालकृष्ण आडवाणी समेत पार्टी के कई बड़े नेता शरीक हुए।

कौन हैं सर्बानंद सोनोवाल: 31 अक्टूबर 1962 को डिब्रूगढ़ जिले के दिंजन में पैदा हुए सर्बानंद सोनोवाल ने गुवाहाटी और डिब्रूगढ़ यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1992 में की थी। केंद्र सरकार में खेल मंत्रालय संभाल रहे सोनोवाल निजी तौर पर फुटबॉल और बैडमिंटन के खिलाड़ी भी रहे हैं।

सोनोवाल को बचपन में फुटबॉल खेलना पसंद था। उनके पास फुटबॉल खरीदने के लिए पैसे नहीं होते थे, तो वे लोकल फ्रुट 'टंगा' से खेलते थे। तीसरी और चौथी क्लास में सर्बानंद स्कूल में सफाई मंत्री चुने गए थे। आम लोगों से जुड़े रहने के लिए सर्बानंद ने अपने घर में एसी नहीं लगाया है।

2011 में बीजेपी में हुए थे शामिल: सर्बानंद ने डिब्रूगढ़ यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने के बाद अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। सर्बानंद 1992-1999 तक ऑल आसाम स्‍टूडेंट यूनियन के अध्‍यक्ष रहे जिसके बाद उन्‍होंने असम गण परिषद के टिकट पर 2001 में पहली बार विधायक का चुनाव लड़कर जीत हासिल की। तीन साल बाद ही उन्‍होंने लोकसभा चुनाव लड़ा और कांग्रेस के कद्दावर नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री पबन सिंह घाटोवर को हराकर 2004 में लोकसभा पहुंचे। 2011 में एजीपी में आतंरिक खटपट के चलते उन्‍होंने पार्टी छोड़ दी और भाजपा में शामिल हुए।  2014 में फिर से लोकसभा चुनाव जीतकर वो मोदी के मंत्रीमंडल में शामिल हुए।

गौरतलब है कि 126 सदस्यीय असम विधानसभा में बीजेपी ने 60 सीटों पर जीत दर्ज की है। बीजेपी गठबंधन की सहयोगी पार्टी असम गण परिषद और बोडो पीपुल्स फ्रंट ने क्रमश: 14 और 12 सीटों पर जीत हासिल की है।