वीडियो: आखिरकार मिल गई सरस्वती नदी

नई दिल्‍ली (2 मार्च): पौराणिक सरस्वती नदी को जिंदा करने के लिए हरियाणा में पहले से ही खुदाई का काम चल रहा है। हरियाणा की खट्टर सरकार कई बार केंद्र से मदद के लिए गुहार लगा चुकी है। अब केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने एक टास्क फोर्स का गठन कर दिया है जो सरस्वती नदी के सच से दुनिया को रु-ब-रु करवाएगा।

कुछ महीने पहले जब हरियाणा के यमुनानगर में सरस्वती नदी की खुदाई के दौरान जल निकला तो बड़े-बड़े नेता दर्शन के लिए पहुंचे। अब हरियाणा के तीन जिलों में सरस्वती नदी का प्रवाह क्षेत्र मानते हुए 260 किलोमीटर में खुदाई की तैयारी हो रही है। हिंदू ग्रंथों में सरस्वती नदी का कई जगह जिक्र मिलता है। ऋग्वेद का पहला हिस्सा इसी नदी के किनारे लिखा गया। महाभारत में इस नदी के गायब होने की बात लिखी गई है। नासा और इसरो को अंतरिक्ष से मिले सिग्नल भी इस नदी के रुट की गवाही देते हैं।

हरियाणा में खुदाई में जो पानी मिल रहा है वो सरस्वती नदी का है या नहीं, इसकी जांच-पड़ताल अब केंद्र सरकार का टास्क फोर्स करेगी। लेकिन, कहा ये भी जाता है कि करीब 10 हजार साल पहले सरस्वती नदी के किनारे लोग रहते थे। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर 1500 किलोमीटर में बहने वाली सरस्वती नदी गई कहां?

देखिए पूरी रिपोर्ट:

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