गंगा रक्षा के लिए आंदोलन कर रहे संत गोपाल दास के दिल्ली के एम्स से लापता होने पर गरमाई सिसायत

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (6 अक्टूबर): गंगा रक्षा के लिए 115 दिनों से अनशन कर रहे संत गोपाल दास को लेकर आम आदमी पार्टी और संत गोपाल दास के पिता ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दरअसल संत गोपाल दास दिल्ली के AIIMS में भर्ती थे  मगर बुधवार से वो लापता हैं। उनकी तलाश कर रहे उनके पिता ने संत गोपाल दास के एक पत्र का हवाला देते हुए साज़िश का अंदेशा जताया है। 115 दिनों से गंगा के लिए अनशन कर रहे संत गोपाल दास के बारे में ना तो पुलिस को कुछ पता है, ना AIIMS को और ना ही उनके परिवार को।

संत गोपाल दास का AIIMS में इलाज चल रहा था। रविवार को उनके पिता ने AIIMS में ही अपने बेटे से मुलाकात की थी लेकिन अब गोपालदास AIIMS में नहीं हैं। और इस सबके पीछे एक बड़ी साज़िश का अंदेशा जताया जा रहा है। दरअसल संत गोपाल दास ने कुछ दिन पहले AIIMS से अपने पिता को एक पत्र लिखा था। पत्र में संत गोपाल दास ने साफ तौर पर केंद्र सरकार की मंशा के बारे में खुलासा किया था  संत गोपाल दास ने पत्र में लिखा था किप्रणाम पिताजी, 18 तारीख को एक मज़बूत संदेश दिया युवा साथियों ने जंतर-मंतर पर। सरकार चाहती है जन आंदोलन ना बना। मेरे दिल्ली रहने से केंद्र सरकार को तकलीफ है। क्योंकि विपक्ष के नेता अपने फेसबुक से ट्वीट कर रहे हैं और संसद सत्र सिर पर है। सरकार का सिरदर्द बन सकता है इसलिए वो मुझे एक कोने में कहीं दूर डालना चाहती है। ये पत्र 5 दिन पहले का है और बुधवार से संत गोपालदास के बारे में कुछ पता नहीं चल रहा है। इसी के चलते उनके पिता सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। संत गोपाल दास के पिता बुधवार दोपहर से लेकर देर रात तक AIIMS में पूछताछ करते रहे, मगर उन्हें कोई ठोस जानकारी नहीं मिली।

वहीं इस मामले से सियासत भी गरमाने लगी है। संत गोपाल दास के पिता से मिलने AIIMS पहुंचे आम आदमी पार्टी के विधायक सोमनाथ भार्ती ने मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इससे पहले दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर मोदी सरकार को कटघड़े में खड़ा किया। केजरीवाल ने ट्वीट किया कि संत गोपाल दास गौ रक्षा और गंगा सफ़ाई के लिए अनशन पर थे। उनको मोदी सरकार ने AIIMS से ग़ायब कर दिया है। उनके पिता को भी केंद्र सरकार नहीं बता रही कि उनको कहाँ ले गए। संत गोपाल दास असली गौ रक्षक हैं। उनके साथ मोदी सरकार का ऐसा बर्ताव? उन्हें तुरंत उनके पिता के सुपुर्द किया जाए।

वहीं इस सबके बीच संत गोपाल दास के देहरादून में होने की खबर आ रही है। AIIMS की तरफ से भी यही कहा जा रहा है कि संत गोपाल दास को देहरादून छुड़वाया गया था। वहीं देर रात दक्षिण दिल्ली के डीसीपी ने भी ट्वीट कर इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने ट्वीट किया कि AIIMS के मुताबिक उन्हें मंगलवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। पता चला है कि उन्हें फिर से देहरादून के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। हम मामले की जांच कर रहे हैं और देहरादून पुलिस को भी जानकारी दे दी है। तो पुलिस कह रही है कि संत गोपाल दास देहरादून में है।  AIIMS प्रशासन भी कह रहा है कि उन्हें देहरादून छोड़ दिया गया था। लेकिन उनके पिता सीधे तौर पर साज़िश की तरफ इशारा कर रहे हैं। संत गोपाल दास का ये पत्र भी कई सवाल खड़े कर रहा है। ऐसे में अगर पुलिस जल्द से जल्द संत गोपाल दास का पता नहीं लगाती है तो सियासी पारा बढ़ सकता है।

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