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कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन संजीता चानू डोप टेस्ट में फेल

चानू डोप टेस्ट में फेल हो गई हैं। इसकी जानकारी इंटरनेशनल वेटलिफ्टिंग फेडरेशन ने दी। फेडरेशन की ओर से बताया गया कि कॉमनवेल्थ गेम्स-2018 में महिला वेटलिफ्टिंग में भारत के लिए 53 किग्रा वेट कैटिगरी में गोल्ड जीतने वाली चानू डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाई गई हैं।

नई दिल्ली ( 31 मई ): गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय महिला वेटलिफ्टर संजीता चानू डोप टेस्ट में फेल हो गई हैं।  भारतीय वेटलिफ्टर संजीता चानू कॉमनवेल्थ गेम्स की दो बार की चैंपियन हैं। चानू डोप टेस्ट में फेल हो गई हैं। इसकी जानकारी इंटरनेशनल वेटलिफ्टिंग फेडरेशन ने दी। फेडरेशन की ओर से बताया गया कि कॉमनवेल्थ गेम्स-2018 में महिला वेटलिफ्टिंग में भारत के लिए 53 किग्रा वेट कैटिगरी में गोल्ड जीतने वाली चानू डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाई गई हैं।फेडरेशन ने उन्हें एंटी-डोपिंग नियम उल्लंघन नियम के तहत तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। उनका मेडल भी छिन सकता है। इंटरनेशनल वेटलिफ्टिंग फेडरेशन के मुताबिक संजीता चानू के खून में स्टेरॉयड पाया गया है। चानू के शरीर में टेस्टोस्टेरोन स्टेरॉयड पाया गया है। यह एक ऐसा ड्रग है, जिससे ऐथलीट के शरीर में बहुत ज्यादा ताकत आती है।आईडब्ल्यूएफ ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि उसने भारत की संजीता चानू के नमूने में प्रतिबंधित टेस्टोस्टेरोन पाया है, जो डोपिंग रोधी नियम का संभावित उल्लंघन है। इसके कारण यह खिलाड़ी अस्थायी रूप से निलंबित रहेगी। उन्होंने कहा, ‘अगर यह साबित होता है कि खिलाड़ी ने डोपिंग रोधी नियम का उल्लंघन नहीं किया है तो प्रासंगिक फैसले को भी प्रकाशित किया जाएगा।’आईडब्ल्यूएफ ने डोप परीक्षण नमूना लेने की तारीख जैसे अन्य विवरण नहीं दिए और कहा, ‘आईडब्ल्यूएफ इस मामले के समाप्त होने तक और कोई टिप्पणी नहीं करेगा।’ संजीता ने पिछले साल नवंबर में अनाहेम (अमेरिका) में विश्व चैंपियनशिप में 53 किग्रा वर्ग में हिस्सा लिया था और कुल 177 किलोग्राम भार वर्ग उठा कर 13वें स्थान पर रही थीं। उन्होंने गोल्ड कोस्ट में 53 किग्रा भार वर्ग में कुल 192 किग्रा भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता था। इससे पहले संजीता ने ग्लासगो 2014 राष्ट्रमंडल खेलों में 48 किलोग्राम भार वर्ग में भी स्वर्ण पदक जीता था।

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