'23 साल से जिस आज़ादी के लिए मर रहा था, वो आज मिल गई'

मुंबई (25 फरवरी) : जेल से रिहा होने के बाद संजय दत्त ने कहा है कि 23 साल से जिस के लिए वो तरस रहे थे, मर रहे थे, वो दिन आज आ गया, यानी आज़ादी का दिन। संजय दत्त ने कहा कि आज उनके पिता दिवंगत सुनील दत्त जीवित होते तो बहुत खुश होते। उन्होंने अपने जीवन का मिशन बना लिया था और वो इसी के लिए लड़ाई करते रहे कि वो मुझे आज़ाद देख सकें। संजय दत्त ने कहा, 'डैड मैं फ्री हूं।'    

संजय दत्त करीब तीन बजे मीडिया को संबोधित करने के लिए घर से बाहर निकले। उस वक्त पाली हिल पर इम्पीरियल हाइट्स बिल्डिंग के बाहर मीडियाकर्मियों को हुजूम उमड़ आया था। इस दौरान मिलने आने वाले दोस्तों से वो हाथ भी मिलाते रहे। संजय दत्त जब घर से बाहर आए तो उनकी पत्नी मान्यता दत्त भी साथ थीं।

संजय दत्त ने कहा, 'मुझे नॉर्मल होने में थोड़ा समय लगेगा। मुझे अब भी ऐसा ही लग रहा है कि जैसे मैं पेरोल या फरलो पर आया हूं।'

जेल से बाहर आने पर ज़मीन को चूमने और तिरंगे को सैल्यूट करने संबंधी सवाल पर संजय दत्त ने कहा कि 'धरती मां मेरी मां है। हिंदुस्तान की धरती से मैं प्यार करता हूं। तिरंगा मेरी ज़िंदगी है।'

संजय दत्त ने कहा कि कल वो पूरी रात को सो नहीं सके। पिछले चार दिन से सही तरह खाना भी नहीं खाया। बस यही सोचता रहा कि बाहर जाकर सबसे मिलूंगा तो कैसा लगेगा।

संजय दत्त ने अपनी पत्नी मान्यता दत्त के पिछले पांच साल के संघर्ष को अपने से भी ज़्यादा मुश्किल बताया। संजय दत्त ने कहा कि उन्होंने अच्छे पति की तरह जेल में कमाए 440 रुपयों को पत्नी मान्यता को सौंप दिया।

उस वक्त बहुत भावुक क्षण हो गए जब संजय दत्त के जुड़वा बेटा-बेटी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच ही आकर उन्हें चूम लिया और गोद में बैठ गए।

संजय दत्त ने कहा कि सलमान खान उनके छोटे भाई हैं और वो चाहते हैं कि वो और बड़े स्टार बनें। साथ ही उनकी सारी समस्याएं जल्दी खत्म हों। बता दें कि सलमान ने आज अपने बॉडीगार्ड्स को संजय दत्त को लाने के लिए एयरपोर्ट भेजा था।  

संजय दत्त ने प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म होने पर मीडियाकर्मियों से एक गुज़ारिश भी की। संजय दत्त ने कहा, 'आप सबसे मेरी विनती है कि मैं आर्म्स एक्ट में दोषी करार दिए जाने की वजह से जेल काट कर आया हूं। इसलिए आप मेरे नाम का उल्लेख करते हुए मुंबई 1993 ब्लास्ट का उल्लेख ना करें। क्योंकि टाडा कोर्ट की ओर से, यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने भी मेरे बारे में कहा था कि आतंकवाद से मेरा कोई जुड़ाव नहीं था। इसलिए मेरी सज़ा के बारे में जब भी कुछ कहा जाए तो सिर्फ आर्म्स एक्ट की ही बात की जाए।'