संजय दत्त ने बच्चों से छुपाई थी जेल में रहने की बात, बताया था ये बहाना

नई दिल्ली(8 मई): बॉलिवुड एक्टर संजय दत्त ने एक बार फिर जेल के दिनों को याद किया है। अवैध हथियार रखने के मामले में जेल में रहे संजय ने कहा कि पुणे जेल में बहुत मक्खियां रहती थीं। चाहें बाल हों या कपड़े, हर जगह मक्खियां चिपकी नजर आती थीं। संजय के मुताबिक, कई बार तो दाल में भी मक्खी मिलती थी। मैं मक्खी निकालकर दाल पी जाता था। एक साथी ने इसकी वजह पूछी तो मैंने कहा कि दाल में प्रोटीन होता है। 

दिल्ली में एक प्रोग्राम के दौरान संजय ने लोगों से कई बातें पहली बार शेयर कीं। इनमें से ज्यादातर फैमिली और प्रिजन से जुड़ी हुईं थीं। संजय के मुताबिक, ''जब मैं पहली बार जेल गया तो पापा और बहन प्रिया बेहद दुखी थे। राखी के दिन प्रिया जेल में मिलने आई तो मैंने उसे वो कूपन गिफ्ट किए जो काम के बदले जेल देता था।'' 

दत्त के मुताबिक, ''जेल में मक्खी वाली दाल पी जाता था। आज घर में पत्नी जब कभी दाल बनाती है तो मैं शिकायत नहीं कर सकता।'' संजय ने कहा, “बच्चों को मेरे जेल जाने के बारे में जानकारी नहीं थी। उनसे मैंने कहा था कि मैं किसी माउंटेन एरिया में शूटिंग कर रहा हूं। मान्यता से कह रखा कि वो बच्चों को कभी जेल लेकर न आए। मैं नहीं चाहता था कि बच्चे मुझे फटे कपड़ों और टोपी में देखें। महीने में दो बार उनसे फोन पर बात करता था।” 

संजय ने कहा, “23 साल पहले मुझे नहीं पता था कि टाडा कानून क्या है। जब पहली बार मुझे सजा सुनाई गई तब मैं मॉरिशस में शूटिंग कर रहा था। प्रिया ने फोन पर मुझे सजा के बारे में बताया। मुंबई वापस आया तो एयरपोर्ट पर हजारों पुलिस वाले मेरी तरफ बंदूक तानकर खड़े थे, जैसे मैं ओसामा बिन लादेन हूं।” दत्त ने कहा, “जिंदगी आसान हो जाती है, अगर इच्छाएं खत्म हो जाएं। इसलिए जेल में कोई उम्मीद नहीं रखी। जेल में गीता भी पढ़ी और कुरान भी। वहां बाथरूम के सामने ही मंदिर था। लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि भगवान तो दिल में रहता है।” 

उन्होंने आगे कहा, “जब जेल गया तो मेरा वजन 110 किलोग्राम था। क्योंकि शराब बहुत पीता था। एक दिन लगा कि पेट कुछ ज्यादा ही निकल आया है। फिर खुद से कहा कि शर्म आनी चाहिए इस हालत पर। यार्ड में ही रनिंग करता और बाल्टियों से वेटलिफ्टिंग करता। कौन कहता है कि सिर्फ जिम जाने से ही फिटनेस आती है। दीवार पर तब तक मुक्के मारता जब तक रिस्ट नहीं सूज जातीं थीं।”