... तो पूर्वोत्तर के अब इस राज्य की सत्ता भी फिसल जायेगी बीजेपी के हाथोें से

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (9 फरवरी): कांग्रेस मुक्त भारत का सपना देखने वाली भाजपा अब धीरे-धीरे खुद सिमटती नजर आ रही है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में सत्ता गंवाने के बाद अब  मेघालय से भी उसका पत्ता साफ होता दिखाई दे रहा है। मेघालय में नैशनल पीपल्‍स पार्टी (एनपीपी) के अध्‍यक्ष और मुख्‍यमंत्री कोनार्ड संगमा ने कहा है कि अगर नागरिकता संशोधन बिल राज्‍यसभा में पास हो जाता है तो उनकी पार्टी एनडीए से अलग हो जाएगी।

कुछ दिन पहले पूर्वोत्‍तर की ग्यारह राजनीतिक पार्टियों ने इस बिल के खिलाफ एकजुट होकर मोदी सरकार से इसे रद करने की मांग की थी। उस समय कोनार्ड संगमा ने कहा था कि अगर केंद्र सरकार इस बिल को राज्‍यसभा में लेकर जाती है तो हम उचित समय पर फैसला कर लेंगे। संगमा ने यह भी बताया था कि उन्‍होंने दिल्‍ली में पार्टी लाइन से हटकर कई नेताओं से मुलाकात कर राज्‍यसभा में इस बिल के पक्ष में वोट न करने की मांग की है। वो अखिलेश यादव और बीएसपी ने मायावती के संपर्क में भी हैं। इससे पहले 8 जनवरी को लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल पारित होने के बाद संगमा ने इसे दुर्भाग्‍यपूर्ण बताया था। उन्‍होंने बीजेपी से संबंध तोड़ने को लेकर किए गए सवाल पर अपनी पार्टी के नेताओं से चर्चा करने की बात कही थी। 

कोनार्ड संगमा ने कहा था कि इस बिल का पारित होना बेहद दुखद है क्‍योंकि हमने इसका व्‍यापक स्‍तर पर विरोध जताया था। एनपीपी मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में बीजेपी के नेतृत्‍व वाली सरकार का समर्थन कर रही है।  मेघालय में एनपीपी के नेतृत्‍व वाली मेघालय लोकतांत्रिक गठबंधन सरकार का बीजेपी समर्थन कर रही है। इससे पहले नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में असम में एनडीए की सहयोगी असम गण परिषद (एजीपी) ने राज्‍य सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था।