दादरी कांड: उत्तर प्रदेश के सियासी कुकर में फिर पक रहा है 'मीट'

अशोक तिवारी, लखनऊ, (2 जून): उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले जून की गर्मी में चुनावी पारा तेज हो रहा है। क्योंकि उत्तर प्रदेश के पॉलिटिकल प्रेशर कुकर में फिर से मीट उबल रहा है। ये मीट है उस दादरी कांड जिसकी नई जांच रिपोर्ट में अखलाक के घर बीफ होने की बात ही कही गई है। इसी मामले में बीजेपी की भगवा ब्रिगेड के नेता, विधायक बड़े बयान दे रहे हैं। भड़काऊ बयान देने के लिए सुर्खियों में रहने वाले संगीत सोम ने कहा है कि दादरी कांड की नई रिपोर्ट के बाद अब महापंचायत होगी, जिसमें वो हिस्सा भी लेंगे। 

पश्चिमी यूपी में अपनी पंचायतों के जरिए वोटों का धुर्वीकरण कराने और माहौल को बिगाड़ने के लिए सुर्खियों में रहने वाले बीजेपी विधायक संगीत सोम फिर एक पंचायत में हिस्सा लेने वाले हैं। जो उत्तर प्रदेश के पॉलिटिकर कुकर में पक रही मीट राजनीति का हिस्सा होगी। दादरी में अखलाक के घर जो मांस था, वो मटन नहीं बल्कि गाय का ही था। ऐसी नई जांच रिपोर्ट आने के बाद पश्चिमी यूपी में सियासी सुगबुगाहट बहुत तेज़ हुई है। 

दावा है कि दादरी में एक पंचायत आयोजित होने वाली है। खबर है कि इस पंचायत में अखलाक के परिजनों को सजा देने की मांग की जाएगी। साथ ही अखलाक के घरवालों को मिला मुआवजा देने का फैसला पंचायत करेगा। दादरी कांड में पकड़े गए आरोपियों की रिहाई के लिए भी आंदोलन छेड़ सकते हैं। इस पंचायत में बीजेपी नेता संगीत सोम के अलावा कई नेताओं के पहुंचने की भी खबर है। 

28 सितंबर 2015 को दादरी के बिसाहड़ा गांव में भीड़ ने मंदिर के लाउडस्पीकर से गौमांस पकने की अफवाह फैलने के बाद ही अखलाक को पीटकर मार डाला था। जिस पर पहली जांच रिपोर्ट में कहा गया कि वो मटन था। लेकिन मथुरा की लैब में हुई रिपोर्ट में उसे गौमांस ही बताया गया। जिसके सामने आने के बाद तीन मांगें उठी हैं। 

यूपी के पॉलिटिकल प्रेशर कुकर में जो मीट पॉलिटिक्स पक रही है। उसका दूसरा सिरा समाजवादी पार्टी के पास है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कहते हैं कि ये साफ ही नहीं है कि मीट का वो टुकड़ अखलाक के घर से लिया गया था। और अखिलेश यादव के बयान से निकले इसी सिरे को पकड़कर दूसरे दल भी अब बीजेपी के वार से बचने में लगे हैं। 

सूत्रों के मुताबिक कुल मिलाकर ये तय है कि अब बीजेपी पश्चिम यूपी से पूर्वी यूपी तक दादरी मीट का मसला उठाने से पीछे नहीं हट रही। पश्चिमी यूपी में इसकी कमान संगीत सोम, पूर्वी यूपी में योगी आदित्यनाथ इसके अगुवा हैं। बीजेपी पश्चिमी यूपी के गांवों में ये बात जोर शोर से पहुंचाने की कोशिश में है कि अखलाक के घर मिला मांस का टुकड़ा गाय या बछड़े का ही था। ताकि धुर्वीकरण की राजनीति में गाय बीजेपी के नाम वोट करने में कामयाब हो सके।