अखिलेश के करीबी उदयवीर सिंह को सपा ने 6 साल के लिए निकाला

नई दिल्ली ( 22 अक्टूबर ) : समाजवादी पार्टी और मुलायम सिंह यादव के परिवार में चाचा-भतीजे की बीच चल रही कलह थमने का नाम नहीं ले रही। नए घटनाक्रम में सीएम अखिलेश के करीबी उदयवीर सिंह को पार्टी से 6 के लिए निकाल दिया गया है। उन्होंने अखिलेश को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की मांग की थी। साथ ही उन्होंने अखिलेश की सौतेली मां पर अखिलेश के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया था। 

पार्टी के कई नेता मुलायाम से मिले

शनिवार को समाजवादी पार्टी के कई बड़े नेता पार्टी चीफ मुलायम सिंह यादव से लखनऊ में मिले। इन नेताओं में बेनी प्रसाद वर्मा, किरणमय नंदा, रेवती रमन सिंह और नरेश अग्रवाल शामिल थे। इस बैठक में शिवपाल यादव को भी बुलाया गया।बैठक के बाद शिवपाल यादव ने कहा कि चुनाव जीतने पर अखिलेश ही राज्य के मुख्यमंत्री होंगे। अखिलेश और उनके बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश की जा रही है। पार्टी में सबकुछ ठीक है। खबरों की मुताबिक अखिलेश यादव ने अपने मंत्री गायत्री प्रजापति से मिलने से इंकार कर दिया। गायत्री प्रजापति वहीं मंत्री  हैं, जिन्हें अखिलेश ने हटा दिया था और बाद में मुलायम सिंह के कहने पर फिर कैबिनेट में शामिल किया था। गायत्री प्रजापति को 25 तारीख को होने वाले रजत जयंती कार्यक्रम का जिम्मा सौंपा गया है लेकिन अखिलेश के इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होने की अटकलें हैं। 

दो दिनों से समाजवादी पार्टी दफ्तर में पार्टी पदाधिकारियों की बैठक चल रही है, प्रदेश कार्यसमिति की भी बैठक होनी है जिसमें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी बुलाया गया है लेकिन अखिलेश यादव ने न सिर्फ इसका बहिष्कार कर रखा है बल्कि शिवपाल यादव की मीटिंग के बाद नेता और पदाधिकारी अखिलेश से भी मिल रहे हैं। 

पार्टी मुखिया मुलायम सिंह ने 24 अक्टूबर को पार्टी नेताओं और पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है उससे एक दिन पहले अखिलेश यादव ने सभी पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों और विधायकों की मीटिंग बुलाकर विवाद बढ़ने के संकेत दे दिए। अब पार्टी के बड़े नेता मुलायम सिंह से मिले हैं। समझा जा रहा है कि वे सुलह का फॉर्मूला लेकर मुलायम सिंह के पास गए हैं।

शिवपाल यादव के बेटे आदित्य यादव ने कहा कि अगर अखिलेश को सीएम फेस नहीं बनाया जाता तो ये समाजवादी पार्टी के लिए बड़ा झटका होगा। आदित्य ने कहा कि पांच साल में सरकार ने जिस तरह से काम किया है उसका श्रेय अखिलेश को जाता है। आदित्य ने कहा कि मेरे पिता ने बार-बार कहा है कि अखिलेश ही पार्टी के मुख्यमंत्री के चेहरा होंगे।