अखिलेश की इस बात ने पहुंचाई मुलायम को सबसे ज्यादा 'चोट'

नई दिल्ली(24 अक्टूबर): समाजवादी पार्टी में चाचा-भतीजे के बीच शुरू हुई लड़ाई अब बाप-बेटे तक जा पहुंची है। रविवार को जहां अखिलेश यादव ने चाचा शिवपाल यादव समेत 4 मंत्रियों को बर्खास्त कर अपना दांव चला। वहीं, मुलायम सिंह ने उनके खेमे के रामगोपाल यादव को पार्टी से ही निष्कासित कर दिया और इसका ऐलान भी शिवपाल यादव से ही कराया। लेकिन, पिता-पुत्र के बीच संबंधों के बिगड़ने की एक बड़ी वजह है। कहा जा रहा है कि शनिवार को सीनियर लीडर्स के साथ मीटिंग में मुलायम सिंह ने कहा था कि हालिया आरोप-प्रत्यारोप में अखिलेश ने उनका बचाव नहीं किया। इससे वह सबसे ज्यादा दुखी हैं और आहत महसूस कर रहे हैं।

- जानकारी  के मुताबिक मुलायम ने नेताओं से कहा कि पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव और उदयवीर सिंह की ओर से लिखे गए पत्रों पर अखिलेश ने चुप्पी साध ली। मुलायम का मानना है कि इन पत्रों में अप्रत्यक्ष तौर पर उन्हें ही निशाने पर लिया गया था। लेकिन, अखिलेश की ओर से उनका बचाव न किए जाने से वह बेहद आहत हुए हैं। 

- गुरुवार को लिखे पत्र में एमएलसी उदयवीर सिंह ने आरोप लगाया था कि इस पूरे विवाद की वजह मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना की ओर से रची गई साजिश है। उदयवीर के मुताबिक अखिलेश के सीएम बनने के बाद से ही यह साजिश शुरू हो गई थी।

- इसके अलावा शनिवार को मुलायम सिंह को लिखे खत में रामगोपल यादव ने उन्हें चेताया था कि यदि 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को शिकस्त मिलती है तो इसके जिम्मेदार वह खुद होंगे। 

- उन्होंने यह भी लिखा था कि अखिलेश यादव निसंदेह एसपी के सबसे लोकप्रिय नेता हैं और चुनाव में जीत के लिए उन्हें सीएम पद का चेहरा बनाया जाना चाहिए। एक सूत्र ने बताया, 'मुलायम ने कहा कि अखिलेश ने मेरा बचाव नहीं किया। उन्होंने कोई ऐक्शन नहीं लिया।'

- मुलायम ने कहा, 'रामगोपाल यादव खुद सूबे का सीएम बनना चाहते थे। लेकिन, मैंने हर किसी का विरोध करते हुए अखिलेश को सीएम बनाना सुनिश्चित किया।' कहा जा रहा है कि सीएम बनने के बाद अखिलेश ने मुलायम से मिलना भी कम कर दिया। यहां तक उन्होंने उनके आदेशों की अवहेलना करना भी शुरू कर दिया।'