बिल्डर की दादागीरी, 95% पेमेंट देने के बावजूद फ्लैट किए कैंसिल

नोएडा (23 अप्रैल): उत्तर प्रदेश में सत्ता बदलजाने के बाद भी यहां बिल्डिर्स की मनमानी लगातार जायज है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी के अधिकारियों की शह पर मनमानी पर उतारू हैं। इन बिल्डर्स के हौसले का अंदाजा महज इस बात से लगाया जा सकता है कि इनके लिए कोर्ट के आदेश भी मायने नहीं रखता। ताजा मामला ग्रेटर नोएडा वेस्ट के पाम ओलंपिया से जुड़ा है।


सैम इंडिया हाउसिंग पर ग्रेटर नोएडा वेस्ट में अपने प्रोजेक्ट पाम ओलंपिया में कोर्ट के आदेश की अनदेखी करते हुए 35 बॉयर्स के फ्लैट कैंसिल करने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि इनमें से ज्यादातर बॉयर्स तकरीबन 2 साल पहले 95 फीसदी तक पेमेंट कर चुके हैं। इन तमाम बॉयर्स को बिल्डर ने कैंसलेशन लेटर भेज दिया हैं।


नेफोवा की महासचिव स्वेता भारती ने बताया कि बॉयर्स बिल्डर के खिलाफ लिए जा रहे अवैध इंटरेस्ट चार्ज व बिल्डिंग लॉ के उल्लंघन के खिलाफ कोर्ट चले गए थे। लगभग सभी फ्लैट बॉयर्स ने नेशनल कंज्यूमर फोरम कोर्ट के निर्देशानुसार 95 प्रतिशत तक पेमेंट कर चुके थे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के पाम ओलम्पिया प्रोजेक्ट में घर बुक कराने वाले बॉयर्स ने 2012 में ही जीरो पीरियड के लिए अवैध इंटरेस्ट चार्ज की मांग बिल्डर ने की थी। जिसके 35 फ्लैट बॉयर्स बिल्डर के खिलाफ नेशनल कंज्यूमर फोरम कोर्ट में केस दर्ज करा दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने फ्लैट के कैंसलेशन पर रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया था।


नेफोवा की महासचिव स्वेता भारती ने बताया कि कोर्ट के निर्देशानुसार पाम ओलम्पिया प्रोजेक्ट में इंवेस्ट करने वालों को बिल्डर बॉयर्स एग्रीमेंट बनाकर पेमेंट लेने के आदेश दिए थे। कोर्ट के आदेश के पहले से बिल्डर बॉयर्स से पेमेंट लेने को भी तैयार नहीं था, जबकि बॉयर्स मूल राशि देने के लिए तैयार थे। एनसीडीआरसी ने ‘क्लास एक्शन सूट’ पास कर दिया है, और कोर्ट द्वारा कोई आदेश जारी किया जाता है तो इससे तमाम फ्लैट खरीदारों को लाभ मिलेगा। 30 मार्च 2017 को कोर्ट ने खरीददारों को क्लास एक्शन सूट के तहत फिर से केस दाखिल करने का निर्देश दिया और 6 अप्रैल को बॉयर्स ने फिर से क्लास एक्शन सूट के तहत फिर से केस दर्ज कर दिया। बिल्डर ने 3 अप्रैल को सात दिनों के अंदर फाइनल पेमेंट जमा करने के लिए डिमांड लेटर बॉयर्स को भेज दिया। सात दिन में पेमेंट न कराने वाले बॉयर्स के फ्लैट कैंसिल करने की चेतावनी बिल्डर ने दी थी। उसके बाद में बिल्डर ने 22 अप्रैल को बॉयर्स के फ्लैट कैंसिल कर दिए।


नेफोवा की महासचिव स्वेता भारती ने बताया कि बिल्डर ने मनमानी करते हुए फ्लैट कैंसिल किए हैं, इसका विरोध किया जाएगा। बिल्डर के इस अनुचित कार्रवाई के खिलाफ उन तमाम फ्लैट खरीदारों के साथ नेफोवा के पदाधिकारी बिल्डर और अथॉरिटी अधिकारियों से मिलेगें। बिल्डर कैंसिलेशन को वापस नहीं लेता है तो बिल्डर के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा।