सलमान को जेल या बेल, 25 को होगा फैसला

नई दिल्ली (23 जुलाई): सलमान खान के हिरण शिकार मामले के दो अलग-अलग प्रकरण में अब फैसले की घड़ी आ गई है। हाईकोर्ट में मई के अंतिम सप्ताह में इस मामले में बहस पूरी हो गई थी और न्यायाधीश ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस मामले में सलमान ने लोअर कोर्ट की तरफ से उन्हें दो मामलों में एक व पांच साल की सजा को चुनौती दे रखी है। जबकि राज्य सरकार ने सलमान को सुनाई गई सजा को नाकाफी बताते हुए अपील की थी।

अब देखने वाली बात यह होगी कि हाईकोर्ट अपने फैसले में सलमान को राहत प्रदान करता है या फिर उन्हें सजा सुनाता है। कोर्ट ने यदि सलमान को सुनाई गई पांच साल की सजा को बरकरार रखता है तो उन्हें एक बार फिर जोधपुर जेल में जाना पड़ेगा। दोनों मामलों में ट्रायल कोर्ट की तरफ से दोषी करार दिए जाने के बाद सेशन कोर्ट ने भी सलमान की सजा को बरकरार रखा था।

सलमान खान के भाग्य का फैसला राजस्थान हाईकोर्ट 25 जुलाई को करेगा। सलमान जेल जाएंगे या फिर बरी होंगे इसका फैसला होगा। ऐसा माना जा रहा है कि फैसले के दिन सलमान को स्वयं कोर्ट में उपस्थित रहना पड़ेगा।

इन मामलों पर होगा फैसला:

- भवाद में शिकार (चिंकारा केस): सलमान पर 27 सितंबर 1998 की रात जोधपुर से सटे भवाद गांव की सरहद पर एक हिरण का शिकार करने का आरोप। 17 फरवरी 2006 को सीजीएम कोर्ट ने एक साल की सजा सुनाई।

- घोड़ा फार्म, मथानिया में शिकार (चिंकारा केस): सलमान पर 28 सितंबर 1998 की रात घोड़ा फार्म के पास दो हिरणों का शिकार का आरोप। 10 अप्रैल 2006 को सीजीएम कोर्ट ने सलमान को दोषी करार देते हुए उन्हें पांच साल की सजा सुनाई।

क्या है चार हिरणों के शिकार मामला:

- सितंबर,1998 में राजस्थान में सूरज बड़जात्या की फ़िल्म 'हम साथ साथ हैं' की शूटिंग चल रही थी - फिल्म में मुख्य भूमिकाएं निभा रहे अभिनेता सलमान ख़ान, सैफ़ अली ख़ान, सोनाली बेंद्रे और तब्बू और नीलम थे - 26 सिंतबर, 28 सितंबर और 1/2 अक्‍टूबर 1998 को फिल्म के इन कलाकारों पर जोधपुर के मथानिया, भवाद और कांकनी गांव में चार काले चिंकारा हिरणों को मारने का आरोप लगा - मथानिया, भवाद मामले में कोर्ट फैसला सुना चुका है, इसी पर 25 जुलाई को जोधपुर हाईकोर्ट अंतिम फैसला सुनाएगा - कांकाणी और आर्म्स एक्ट में अभी सुनवाई चल रही है

शिकार मामले में सलमान पर चार केस दर्ज हुए... पहला और दूसरा (चिंकारा केस)- मथानिया और भवाद में दो चिंकारा के शिकार के लिए दो अलग-अलग मामले। - सलमान से जुड़े शिकार के दो प्रकरणों भवाद और घोड़ा फार्म में ट्रायल कोर्ट ने सात साल में ही फैसला सुना दिया था, इसके बाद सेशन कोर्ट ने भी अपना फैसला सुनाने में अधिक समय नहीं लिया। - 26 सिंतबर 1998 भवाद शिकार प्रकरण में सलमान को एक साल और 28 सितंबर 1998 घोड़ा फार्म हाउस शिकार प्रकरण में पांच साल की सजा सुनाई गई थी। - सलमान ने इन दोनों मामलों में सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील कर रखी है। हाईकोर्ट में इन मामलों की सुनवाई चल रही है।

तीसरा केस (दो काले हिरण का शिकार) कांकाणी में काले हिरण का शिकार: - सलमान खान पर 1/2 अक्टूबर 1998 की रात कांकाणी गांव की सरहद में दो काले हिरण के शिकार का आरोप लगा।

-उनके साथ ही सैफ अली खान, नीलम, तब्बू व सोनाली बेंद्रे पर उन्हें शिकार के लिए उकसाने का आरोप लगा। - इस मामले में कुल 52 गवाह है और अभी तक यह मामला ट्रायल कोर्ट में ही लम्बित है। ट्रायल कोर्ट में फैसला चाहे किसी के पक्ष में आए, लेकिन इतना तय है कि इसकी अपील सेशन कोर्ट में होगी। - इस कारण कई साल सेशन कोर्ट में निकल जाएंगे। सेशन कोर्ट का फैसला आने पर अपील हाईकोर्ट में होगी। हाईकोर्ट में मामला ड्यू कोर्स में चले जाने पर दस से बारह वर्ष के अंतराल के बाद सुनवाई शुरू होगी। - हाईकोर्ट में कुछ बरस तक सुनवाई के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट जाएगा। कमोबेश ऐसे ही हालात सलमान के आर्म्स एक्ट प्रकरण के है। यह भी अभी तक ट्रायल कोर्ट में ही विचाराधीन है।

चौथा केस (अवैध हथियार)- 32 और 22 बोर रायफ़ल लाइसेंस समाप्ति के बाद भी रखने के आरोप में सलमान पर आर्म्स एक्ट के तहत चौथा मामला दर्ज किया गया, जिसमें 16 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इन दोनों हथियारों की लाइसेंस अवधि 22 सितंबर 1998 को ही समाप्त हो चुकी थी।

तीन बार रह चुके है जोधपुर जेल में: सलमान पुलिस और न्यायिक हिरासत में 18 दिन जोधपुर जेल में बिता चुके हैं।

- पहली बार (6 दिन जेल में रहे)- सलमान को वन विभाग ने 12 अक्टूबर 1998 को हिरासत में लिया था, 17 अक्टूबर 1998 तक जेल हुई। - दूसरी बार (6 दिन जेल में रहे)- घोड़ा फार्म मामले में सीजेएम कोर्ट ने 10 अप्रैल 2006 को पांच साल की सजा सुनाई, 6 दिन जेल में रहे। - तीसरी बार (6 दिन जेल में रहे)- जोधपुर सेशन कोर्ट ने इस सजा की पुष्टि की, तब 26 से 31 अगस्त 2007 तक जेल में रहे।