सलमान को बड़ी राहत, आर्म्स ऐक्ट मामले में हुए बरी

नई दिल्ली ( 18 जनवरी ):  ऐक्टर सलमान खान से जुड़े 18 साल पुराने आर्म्स ऐक्ट केस में बुधवार को फैसला आ गया। कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है। कोर्ट ने सलमान को संदेह का फायदा देकर बरी किया है। अभियोजन पक्ष यह साबित ही नहीं कर सका कि सलमान के पास हथियार थे।यह सलमान के खिलाफ दर्ज शिकार के चार मामलों से एक है। सलमान के खिलाफ शिकार से जुड़े तीन मामले दर्ज हैं। चिंकारा के शिकार से जुड़े दो मामलों में राजस्थान हाई कोर्ट सलमान को बरी कर चुका है। वहीं, दो काले हिरण के शिकार के मामले में तीसरा केस चल रहा है। अब सलमान को शिकार के इस मामले में भी राहत मिलने की पूरी उम्मीद है क्योंकि हथियार रखने का मामला भी शिकार से ही जुड़ा हुआ था।सलमान सफेद रंग की एसयूवी से पहुंचे थे। सलमान पर आर्म्स ऐक्ट की 3/25 और 3/27 धाराओं में मामले दर्ज थे। पहली धारा में तीन साल जबकि दूसरी में सात साल अधिकतम सजा का प्रावधान था। जज ने देरी होते देख सलमान और उनके वकीलों को कोर्ट में आधे घंटे में पेश होने का आदेश दिया था। इस आदेश को देने के बाद जज वापस अपने चैंबर में चले गए थे। सलमान की डिफेंस टीम पूरी तरह तैयार थी क्योंकि जेल जाने की स्थिति में उन्हें आगे की कार्रवाई तुरंत शुरू करनी पड़ती।

इन केसों को बिश्नोई समाज की ओर से लड़ा जा रहा था। इस समुदाय के लोगों की काले हिरणों के प्रति बेहद आस्था है। इस मामले में याचिकाकर्ता महिपाल बिश्नोई अपने समुदाय की ओर से इस मामले को लड़ रहे थे। फैसले के बाद सलमान ने मीडिया से बातचीत तो नहीं की, लेकिन वे बेहद खुश नजर आ रहे थे। वहीं, अभियोजन पक्ष को यकीन था कि उनका मामला मजबूत है और सलमान को कड़ी सजा होगी। अभियोजन का कहना है कि फैसले की कॉपी मिलने के बाद वे टिप्पणी करेंगे।

क्या था मामला?

सलमान के खिलाफ जोधपुर जिले के लूणी थाना क्षेत्न के कांकाणी गांव की सरहद में एक और दो अक्टूबर 1998 की रात में दो काले हिरणों का शिकार का और आर्म्स ऐक्ट के तहत दर्ज मामला विचाराधीन है। सलमान पर एक्सपायर हो चुके लाइसेंस के साथ हथियार रखने और इस्तेमाल करने के आरोप में आर्म्स ऐक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। सलमान यहां अपनी फिल्म 'हम साथ साथ हैं' की शूटिंग के लिए आए थे। वह दो बार जोधपुर जेल में बंद हो चुके हैं। एक बार अप्रैल 2006 में जबकि दूसरी बार अगस्त 2007 में।