सरकार ने किया साफ नकद में भी मिलती रहेगी सैलरी

नई दिल्ली ( 21 दिसंबर ): कैशलेश भारत की एक ओर कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है। कर्मचारियों को सैलरी भुगतान में कैश के अलावा चेक व डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने पेमेंट ऑफ वेजेज एक्ट में संशोधन के अध्यादेश को मंजूरी दे दी है।

इस संशोधन का उद्देश्य वेतन चेक या सीधे अकाउंट में ट्रांसफर करने को बढ़ावा देना है। अध्यादेश के मुताबिक अब कर्मचारियों को सैलरी इन तरीकों से दी जा सकेगी। कैबिनेट के इस अध्यादेश पर अभी राष्ट्रपति की मुहर लगनी बाकी है।

गौरतलब है कि इस अध्यादेश पर मुहर के बाद कैश से सैलरी मिलने का विकल्प खत्म नहीं होगा। सरकार की तरफ जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि मीडिया में आ रही इस आशय की खबर गलत है। बयान में कहा गया है कि सरकार पेंमेंट ऑफ वेजेज एक्ट के सेक्शन 6 में बदलाव ला रही है जिससे कैश के अलावा चेक या अकाउंट में ट्रांसफर को जोड़ेगी। यह कर्मचारियों को नकदी के साथ-साथ मौजूद अन्य बैकिंग तरीकों के इस्तेमाल

की सुविधा देता है।

साथ ही केंद्र या राज्य सरकार को नोटिफिकेशन जारी कर किसी इंडस्ट्रियल या अन्य संस्थानों के बारे में बताना होगा जहां कर्मचारियों को चेक या अकाउंट ट्रांसफर के जरिए सैलरी देनी होगी। ऐसे में साफ है कि वेतन भुगतान के कैश का विकल्प खत्म नहीं हुआ है। बयान में कहा गया है कि 1936 में पारित यह कानून बहुत पुराना है और ऐसे में समय के साथ इसमें बदलाव जरूरी था।

बयान में कहा गया है, इस अध्यादेश के जरिए सुनिश्चित किया जाएगा कि कर्मचारियों को न्यूनतम मजदूरी दी जाए और उनके सोशल सिक्यॉरिटी अधिकारों की रक्षा की जा सके। इस तरह संस्थान एपीएफओ या एएसआईसी जैसी सुविधाओं से महरूम रखने के लिए कर्मचारियों की कम संख्या नहीं दिखा पाएंगे।