'अदालती कर्मचारियों ने रोजाना नमाज नहीं पढ़ी तो इंक्रीमेंट नहीं'

नई दिल्ली (27 फरवरी): पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर के एक वरिष्ठ न्यायाधीश ने कहा है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर  के अदालत कर्मचारियों को अदालत और उसके बाहर रोजाना  समय पर नमाज पढ़नी पड़ेगी।  उनकी सालाना वार्षिक वेतन वृद्धि निर्धारित समय पर नियमित रूप से नमाज पढ़ने पर ही निर्भर करेगी। 

पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के सुप्रीम कोर्ट 12 वें मुख्य न्यायाधीश की शपथ लेने वाले न्यायमूर्ति इब्राहिम जिया ने अदालत कर्मचारियों को अदालत और नमाज के समय में समयपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा, ‘अदालत कर्मचारियों की सालाना वेतन वृद्धि अब निर्धारित समय पर नियमित रूप से नमाज पढ़ने पर निर्भर करेगी।’ उन्होंने घोषणा की कि नमाज पढ़ना अदालत के सभी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य है।