अगर घर में शौचालय नहीं तो सैलरी नहीं

नई दिल्ली(9 अक्टूबर):  मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में स्वच्छ भारत अभियान को रफ्तार देने के लिए एक अनूठी पहल की गई है। इस जिले में राज्य सरकार के कर्मचारियों को अब अपना वेतन पाने के लिए एक शर्त पूरी करनी होगी।

- सरकारी कर्मचारियों को अपने घर में शौचालय का निर्माण कराना पड़ेगा और अधिकारियों से प्रमाणित भी कराना होगा। मोदी की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत अभियान के तहत खुले में शौचमुक्त भारत को साकार करने के लिए प्रशासन ने सभी कर्मचारियों के लिए अपने घर में शौचालय का निर्माण करवाना अनिवार्य कर दिया है।

- शहडोल के जिला कलेक्टर मुकेश कुमार शुक्ला ने बताया, केवल सरकारी कर्मचारी ही मोदी सरकार के स्वच्छ भारत अभियान को तेजी से आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे सकते हैं। इस तरह से वे समाज के लोगों के लिए रोल मॉडल साबित होंगे।

- उन्होंने कहा, निरीक्षक अधिकारी के सामने कर्मचारियों को अपने घर में शौचालय होने की घोषणा करनी पड़ेगी। उनके घर पर सर्वे कर इसकी पुष्टि की जाएगी कि उनके घर में शौचालय है या नहीं। पुष्टि होने के बाद ही कर्मचारी अपनी सैलरी निकाल सकेंगे। डीएम ने कहा कि ग्रामीण भारत के कई कर्मचारियों के घर में शौचालय नहीं है। हालांकि ऐसे कर्माचरियों की संख्या बहुत ज्यादा नहीं है लेकिन फिर भी इस प्रयास के बाद कई घरों में शौचालय का निर्माण हो जाएगा।