एशियाई चैंपियनशिप के फाइनल में साक्षी मलिक, गोल्ड मेडल से एक कदम दूर

मुंबई (12 मई): रियो ओलंपिक में परचम लहराने वालीं भारतीय महिला पहलवान साक्षी मलिक एशियाई चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल से महज एक कदम दूर हैं। साक्षी मलिक ने एशियाई चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंच गई है। फाइनल में पहुंचने के साथ ही साक्षी का रजत पदक तो पक्का है लेकिन देशवासियों को साक्षी से स्वर्ण पदक की उम्मीद है। साक्षी का फाइनल में मुकाबला ओलंपिक की स्वर्ण पदक विजेता जापानी पहलवान रिसाको कवाई से होगा। रिसाको कवाई 2015 में वर्ल्ड चैंपियनशिप का कांस्य भी जीत चुकी हैं।


साक्षी मलिक ने सेमीफाइनल में कजाकस्तान की आयालिम कासिमोवा को मात दी। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने उजबेक पहलवान नाबिरा एसेनबेवा को 6-2 से हराया था। साक्षी के साथ 55 किलोग्राम वर्ग में विनीश फोगाट और 69 किलोग्राम वर्ग में दिव्या काकरान ने भी फाइनल में जगह बनाई है। तीनों ही पहलवानों का मुकाबला जापान की महिला पहलवानों से होगा। इसके अलावा 2 महिला पहलवान पिंकी (53 किलोग्राम वर्ग) और रित फोगाट (48 किलोग्राम वर्ग) कांस्य पदक के लिए अपने मुकाबले खेलेंगी।


आपको बता दें कि साक्षी मलिक ने शादी के बाद अपना वजन और वर्ग दोनों बढ़ाए। वे एशियन चैम्पियनशिप में 60 किलो वर्ग में भारत की ओर से लड़ रही हैं और इस वर्ग में पहली बार खेलते हुए ही उन्होंने सफलता हासिल कर ली। इससे पहले साक्षी मलिक विश्व रैंकिंग ने अपने भारवर्ग 58 किग्रा में शीर्ष पांच में जगह बनाई है। ये भी शादी के बाद उनकी बहुत बड़ी उपलब्धि है। साक्षी के भारवर्ग में जापान की काओारी इचो दुनिया में नंबर एक पर हैं।