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सिख दंगे के दोषी सज्जन कुमार ने कांग्रेस से दिया इस्तीफा

1984 सिख विरोधी दंगों के एक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से उम्रकैद की सजा मिलने के बाद के सज्जन कुमार ने कांग्रेस की प्रार्थमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (18 दिसंबर): 1984 सिख विरोधी दंगों के एक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से उम्रकैद की सजा मिलने के बाद के सज्जन कुमार ने कांग्रेस की प्रार्थमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। सज्जन कुमार ने खत लिखकर कांग्रेस अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंपा है। पार्टी सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक, सज्जन कुमार ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर बताया है कि मेरे खिलाफ आए दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के मद्देनजर मैं कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रहा हूं। उन्होंने पत्र में गांधी से कहा, ''माननीय हाईकोर्ट द्वारा मेरे खिलाफ दिए गए आदेश के मद्देनजर मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल इस्तीफा देता हूं।

आपको बता दें कि कल यानी 17 दिसंबर को दिल्ली हाई कोर्ट ने सज्जन कुमार को दंगे का दोषी पाया था। हाई कोर्ट ने निचली अदालत का आदेश रद्द करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने सज्जन को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। सज्जन कुमार को दंगे में आपराधिक साजिश रचने और हिंसा कराने व दंगा भड़काने के आरोप में दोषी करार दिया गया है। यह फैसला दंगे के करीब 34 साल बाद आया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब सज्जन कुमार को 31 दिसंबर तक आत्मसमर्पण करना होगा। इस केस में सज्जन कुमार के अलावा बलवान खोखर, कैप्टन भागमल और गिरधारी लाल को दी गई उम्रकैद की सजा बरकरार रखी गई है। वहीं, पूर्व विधायक महेंद्र यादव और किशन खोखर की सजा बढ़ाते हुए 10-10 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। जबकि लोवर कोर्ट ने महेंद्र और किशन को 3-3 साल की सजा दी थी।

यह मामला 1984 दंगों के दौरान एक-दो नवम्बर को दक्षिण पश्चिम दिल्ली की पालम कॉलोनी में राज नगर पार्ट-1 क्षेत्र में सिख परिवार के पांच सदस्यों की हत्या करने और राज नगर पार्ट-2 में एक गुरुद्वारे में आगे लगाने से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने 73 वर्षीय कुमार और अन्य पांच को दोषी करार देते हुए 31 दिसम्बर तक आत्मसमर्पण करने और तक तब दिल्ली ना छोड़ने का निर्देश दिया है। पूर्व संसद सज्जन कुमार सहित छह आरोपियों के खिलाफ वर्ष 2010 में सुनवाई शुरू हुई थी और तीन वर्ष बाद निचली अदालत ने कांग्रेस नेता को बरी करते हुए पांच अन्य को दोषी ठहराया था। सिख विरोधी दंगों के समय सज्जन कुमार संसद सदस्य थे।

ज्यादा जानकारी के लिए देखिए न्यूज 24 की रिपोर्ट...

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