फंसेंगे काले धन को सफेद करने वाले, ED ने भेजा 300 सहकारी बैंकों को नोटिस

प्रशातं श्रीवात्सव, नई दिल्ली (20 दिसंबर): नोटबंदी के ऐलान के बाद काले धन को ठिकाने लगाने के मामले में सहकारिता बैंक जांच एजेंसियों के राडार पर हैं। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने देश भर के करीब 300 सहकारी बैंकों को नोटिस भेजा है। इन सभी को भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि वे नोटबंदी के बाद अपने द्वारा

किए गए पूरे लेन-देन का ब्योरा अगले दो कार्यदिवसों में दें।

फाईनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट से मिली जानकारी के मुताबिक सहकारिता बैंकों में बड़े पैमाने पर काला धन जमा हुआ है। खासकर ऐसे अकाउंट्स के जरिए जो लंबे समय से बंद पड़े थे। क्योंकि ज्यादातर सहकारी बैंकों में ऑनलाइन डेटा मैनेजमेंट सिस्टम नहीं है। इन बैंकों में ज्यादातर लेन-देन पुराने मैनुअल सिस्टम से हुआ है।

रिजर्व बैंक ने पहले से ही सहकारी बैंकों पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं। कई जगह गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आने के बाद आरबीआई ने भी जिला सहकारी बैंकों में एक हजार और 500 के नोट बदलने पर रोक लगा दी थी। आरबीआई को इन बैंकों से लगातार गड़बड़ी कर अपने परिचितों के नोट बदलने की शिकायत मिल रही थी। आमतौर पर सहकारी बैंकों में चेयरमैन से लेकर अधिकांश पद सियासी तौर पर भरे जाते हैं।