यूपी पुलिस का शर्मनाक चेहरा, गाड़ी गंदी हो जाएगी कह घायलों को नहीं पहुंचाया अस्पताल, 2 लड़कों की मौत

नई दिल्ली ( 20 जनवरी ): उत्तर प्रदेश पुलिस का अमानवीय चेहरा फिर सामने आया है। गुरुवार की रात सड़क हादसे के शिकार दो नाबालिग बच्चों ने पुलिसवालों के सामने ही सड़क पर तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया, लेकिन वे उन्हें अपनी सरकारी गाड़ी से अस्पताल नहीं ले गए। पुलिसवालों का कहना था कि हादसे के शिकार लड़कों के खून से उनकी गाड़ी गंदी हो जाएगी, इसलिए वे उन्हें अस्पताल नहीं ले जाएंगे। घटना का वीडियो वायरल हो गया है। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।

100 डायल पर तैनात पुलिसकर्मियों की बेशर्मी सामने आई है। घायल युवक सड़क पर तड़पते रहे दोस्त अस्पताल ले जाने के लिए हाथ-पैर जोड़ता रहा और गिड़गिड़ाकर कहता रहा इसके बावजूद भी पुलिस वालों का दिल नहीं पिघला।

लोगों की लाखों मिन्नतों के बाद भी जब पुलिस का दिल नहीं पसीजा तो किसी तरह दूसरे वाहन की व्यवस्था करके घायलों को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टर्स ने युवकों को मृत घोषित कर दिया। इस पूरे मामले का एक वीडियो लोगों ने बना लिया। शुक्रवार को यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया। वीडियो में उत्तर प्रदेश पुलिस की करतूत शर्मसार करने वाली है। 

इसके बाद एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने डायल 100 पर तैनात तीनों सिपाहियों हेड कॉन्स्टेबल इंद्रपाल सिंह, कॉन्स्टेबल पंकज कुमार और कॉन्स्टेबल चालक मनोज कुमार को निलंबित कर दिया। 

सहारनपुर में दो नाबालिग बाइक से गुरुवार रात उनके घर जा रहे थे। बेरी बाग इलाके के मंगलनगर चौक पर अनियंत्रित होकर उनकी बाइक एक खंभे से टकरा गई। बाइक नाले में गिर गई।