वीडियो: फूट-फूट कर रो पड़ी साध्वी प्रज्ञा, बोलीं-जेल में चौड़े बेल्ट से मारा जाता था

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (18 अप्रैल): मध्य प्रदेश की भोपाल सीट से बीजेपी की प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर गुरुवार को एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान वह रो पड़ी। वह जनसभा में गिरफ्तारी के दौरान किए गए व्यवहार के बारे में बता रही थी। साध्वी प्रज्ञा NIA द्वारा किए गए व्यवहार को बताते वह रोने लगीं। उन्होंने बताया कि, पिटते-पिटते सुबह हो जाती थी, लोग बदल जाते थे, लेकिन पिटने वाली में सिर्फ अकेली रहती थी। उन्होंने इस जनसभा में भोपाल से कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह के खिलाफ भी हमला किया। भोपाल में साध्वी का मुकाबला कांग्रेस के दिग्गज और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से है। दिग्विजय ने बुधवार को ट्विटर के जरिए साध्वी की उम्मीदवारी का स्वागत किया था।

इससे पहले साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को बीजेपी की सदस्यता लिये चौबीस घण्टे भी नहीं बीते कि माले गांव के धमाके के पीड़ितों में से एक ने उनकी उम्मीदवारी को चुनौती दे दी है। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने 17 अप्रैल को भोपाल में पार्टी की सदस्यता ली थी, इसी के साथ ही बीजेपी ने उन्हें दिग्विजय सिंह के खिलाफ अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया था। बीजेपी से टिकट का ऐलान होते ही देश की राजनीति में बयानों का बवण्डर खड़ा हो गया साथ ही  मालेगांव ब्लास्ट के एक पीड़ित के पिता ने एनआईए कोर्ट में शिकायत दर्ज कराते हुए उनकी उम्मीदवारी को चुनौती दी है। इसके अलावा साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ कांग्रेसी एक्टिविस्ट तहसीन पूनावाला ने चुनाव आयोग में शिकायत की है। 

तहसीन ने साध्वी प्रज्ञा की उम्मीदवारी पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की गुहार की है। तहसीन ने अपनी शिकायत में कहा है कि साध्वी प्रज्ञा प्रीवेंशन एक्ट सहित अन्य अपराधों में आरोपी है। उधर भोपाल में साध्वी प्रज्ञा ने कहा है कि वो 23 अप्रैल को अपना नामांकन दाखिल करेंगी। भोपाल लोक सभा सीट पर 12 मई को वोट डाले जायेंगे। साध्वी प्रज्ञा के मैदान में उतरने भर से भोपाल लोकसभा सीट न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर की मीडिया में चर्चा का विषय बन गया। साध्वी प्रज्ञा और दिग्विजय सिंह को एक-दूसरे का धुर विरोधी माना जाता है। दिग्विजय सिंह कांग्रेस के उन चुनिंदा नेताओं में से एक हैं, जिन्होंने यूपीए सरकार के दौर में 'भगवा आतंकवाद' के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। शायद यही वजह है कि साध्वी प्रज्ञा चुनावी बिसात पर दिग्विजय सिंह को चुनौती देना चाहती हैं।