संघ प्रचारक सुनील जोशी हत्याकांड : सबूतों के अभाव में साध्वी प्रज्ञा समेत सभी आरोपी बरी

नई दिल्ली (1 फरवरी): 2007 में हुए आरएसएस प्रचारक सुनील जोशी हत्याकांड मामले में बुधवार को मप्र के देवास जिला सेशन कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। जस्टिस राजीव कुमार आप्टे की कोर्ट में हुई सुनवाई में सबूतों के अभाव में साध्वी प्रज्ञा भारती समेत सभी 8 आरोपियों बरी कर दिया गया है।

गौरतलब है कि मप्र हाईकोर्ट के निर्देश पर बहुचर्चित मामले की जांच नेशनल इनवेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) ने की थी। साध्वी प्रज्ञासिंह ठाकुर तबीयत खराब होने की वजह से फैसले के वक्त हाजिर नहीं हो पाई। हालांकि वे पहले से कस्टडी में हैं। 10 साल चली सुनवाई के दौरान आरोपी प्रज्ञासिंह ठाकुर देवास अदालत में दो ही बार हाजिर हुई हैं।

बता दें कि इस मामले में प्रज्ञासिंह ठाकुर सहित कुल आठ आरोपी थे जिनमें से कुछ जमानत पर थे तो कुछ देश की अलग-अलग जेलों में विचाराधीन कैदी के रूप में बंद थे। मुख्य आरोपी प्रज्ञासिंह ठाकुर थीं जो अभी भी भोपाल में न्यायिक हिरासत में इलाजरत है।

- आरोपी हर्षद अजमेर जेल में, जबकि आरोपी लोकेश शर्मा और राजेंद्र चौधरी पंचकुला जेल में है।

- महू का जितेंद्र शर्मा, देवास का एल्डरमैन रामचरण पटेल, वासुदेव परमार, इंदौर का आनंदराज कटारिया जमानत पर है।

यह है मामला

- संघ के पूर्व प्रचारक सुनील जोशी की 29 दिसंबर 2007 में चूना खदान में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। विरोध में आगजनी, पथराव हुआ था। कर्फ्यू जैसे हालात थे।