वाट्सएप पर देखा फोटो और फिर दी इस मासूम की बलि

बेंगलुरु (6 मार्च): इंसान अपने लालच के चलते किस हद तक गिर सकता है, यह मामला मगदी में पिछले सप्ताह

10 वर्षीय बच्ची की हत्या की खबर का खुलासा होने के बाद हुआ है। पुलिस ने बताया कि बच्ची का अपहरण और उसकी हत्या नरबलि के लिए की गई। इस मामले में चार आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जिसके बाद यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों में मोहम्मद वासी (42), इनकी बहन रसुद्दीनिशां (37), खुद के जादूगरनी होने का दावा करने वाली नसीमा ताज (33) और एक 17 वर्षीय नाबालिग शामिल है। इन चारों ने मृतका बच्ची आयशा मोहम्मद नरूला को अगवा किया। सूत्रों के मुताबिक वासी और उनकी बहन अपने बड़े भाई को ठीक करने के लिए बेंगलुरु निवासी नसीमा ताज से मिले, ताकि वह जादू-टोना से उनके भाई को ठीक कर सके। उनके भाई को फरवरी में पैरालिस्टिक अटैक हुआ था।

बेंगलुरु के जेजे नगर में रहने वाली आरोपी जादूगरनी ने नसीमा ने रसुद्दीनिशां से कहा था कि अगर वह 45 दिन के अंदर एक 10 साल की लड़की की बलि नहीं देंगे तो उनका भाई मर जाएगा। इस पर वासी को लगा कि उनके कज़िन की 10 साल की बेटी इस बलि के लिए एकदम सही है। इस पर वासी ने आयशा की फोटो खींचकर नसीमा को वॉट्सऐप पर भेज दी। इस पर नसीमा ने सहमति जता दी। बताया जा रहा है कि वासी और उसके कज़िन के बीच पारिवारिक विवाद चल रहा है। जिस कारण उसने आयशा की बलि का कदम उठाया।