साउथ अफ्रीका के खिलाफ एतिहासिक सेमीफाइनल को लेकर तेंदुलकर ने खोले राज

नई दिल्ली(29 जनवरी): दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हीरो कप के सेमीफाइनल को याद करते हुए कहा है कि कैसे आखिरी ओवर में मिली जीत में एक नेवला भारत के लिए भाग्यशाली साबित हुआ था।

- तेंदुलकर आखिरी ओवर फेंक रहे थे और दक्षिण अफ्रीका को जीत के लिए 6 रन की जरूरत थी। भारत ने ईडन गार्डन पर यादगार जीत दर्ज की थी।

- आईडीबीआई फेडरल लाइफ इंश्योरेंस कोलकाता फुल मैराथन के ब्रांड दूत तेंदुलकर ने दौड़ से एक दिन पहले कहा कि मुझे नहीं पता कि आपमें से कितनों ने इस पर गौर किया होगा क्योंकि यह पहला दिन रात का मैच था। मैच के दूसरे हाफ में बार बार एक नेवला आ रहा था ।’’  

- उन्होंने कहा कि जब भी वह मैदान पर आता , हमें विकेट मिलता था। उसके बाद रन बनने लगते और फिर वह नेवला आता तो हमें विकेट मिलता। मैं उस नेवले के आने का इंतजार कर रहा था जब मुझे आखिरी ओवर डालना था।

- तेंदुलकर बल्ले से नाकाम रहे थे और कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन ने उन्हें आखिरी ओवर फेंकने का जिम्मा सौंपा था। यह एक जुआ था जो चल निकला। तेंदुलकर ने 3 गेंदें खाली डाली जिसके बाद एलेन डोनाल्ड रन आउट हो गए और आखिरी गेंद पर ब्रायन मैकमिलन चौका नहीं लगा सके।  उन्होंने कहा कि कोलकाता में हम हमेशा एक लतीफा सुनते सुनाते थे कि पहले दो विकेट लेलो, बाकी के 8 विकेट दर्शक ही ले लेते हैं।