कोच पद पर आवदेन के लिए तेंडुलकर ने शास्त्री को मनाया

नई दिल्ली(29 जून): दिग्गज खिलाड़ी अनिल कुंबले के हेड कोच से इस्तीफा देने के बाद टीम इंडिया को नए कोच की तलाश है। कोच की खोज के लिए मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने भी कोशिशें तेज कर दी हैं।  


- सचिन ने रवि शास्त्री को टीम के मुख्य कोच पद के लिए आवेदन करने को मना लिया है। इन दिनों लंदन में छुट्टियां मना रहे रवि शास्त्री अब तक कोच की रेस से खुद को बाहर बता रहे थे।


- शास्त्री को पीड़ा थी कि पिछले साल नए कोच की नियुक्ति के वक्त जानबूझकर उनकी अनदेखी की गई, जबकि इससे पहले डायरेक्टर के रूप में करीब 2 साल तक उन्होंने टीम के साथ बेहतर प्रदर्शन किया था।


- हालांकि, मंगलवार को शास्त्री के यह बयान देने के बाद कि वह एक बार फिर टीम इंडिया के मुख्य कोच पद के लिए अप्लाई करने जा रहे हैं, शास्त्री को लेकर लग रहीं अटकलों पर विराम लग गया। शास्त्री ने कहा, उन्होंने अब तय किया है कि वह टीम इंडिया के मुख्य कोच के लिए आवेदन करेंगे।


- एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक शास्त्री को मनाने के पीछे सचिन तेंडुलकर हैं, जो खुद इन दिनों लंदन में अपने परिवार संग छुट्टियां मना रहे हैं।


-  क्रिकेट अडवाइजरी कमिटी (सीएसी) के 3 सदस्यों में से एक तेंडुलकर ने माना है कि भारतीय कैप्टन विराट कोहली खुद कोच के रूप में रवि शास्त्री की पैरवी कर चुके हैं। इसी कारण तेंडुलकर ने बीसीसीआई की नाक बचाने के लिए यह पहल की है, जो पहले ही कोच (कोहली-कुंबले विवाद) के मामले को ठीक तरह से न निपटाने को लेकर सवालों के घेरे में है।


- बता दें कि 2016 में जब सीएसी ने अनिल कुंबले को कोच चुना था, तब भी सचिन तेंडुलकर के अलावा सौरभ गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण सीएसी के सदस्य थे, तब टीम के डायरेक्टर रह चुके शास्त्री का कोच बनना तय माना जा रहा था, लेकिन ऐन मौके पर अनिल कुंबले की ऐंट्री ने सारे समीकरण बदल दिए। तेंडुलकर ने तब भी शास्त्री का पक्ष लिया था और कहा था कि टीम भी उनके साथ खुश है और उन्हें ही टीम का कोच नियुक्त करना चाहिए, लेकिन उस वक्त सौरभ गांगुली ने अनिल कुंबले को तरजीह दी।