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सावन में रखें ये व्रत तो भगवान भोले भण्डारी होंगे प्रसन्न!

श्रावण मास में व्रत रखना सबसे श्रेष्ठ माना गया है। व्रत करने से भगवान भोले भण्डारी की कृपा प्राप्त होती है। श्रावण मास पाप को मिटाने वाला और मनोकामना की पूर्ति करने वाला माह है। श्रावण माह से प्रेरित होकर ही सभी धर्मों में विशेष माह में व्रत रखने के प्रचलन की शुरुआत हुई

ShivJi

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (22 जुलाई): श्रावण मास में व्रत रखना सबसे श्रेष्ठ माना गया है। व्रत करने से भगवान भोले भण्डारी की कृपा प्राप्त होती है। श्रावण मास पाप को मिटाने वाला और मनोकामना की पूर्ति करने वाला माह है। श्रावण माह से प्रेरित होकर ही सभी धर्मों में विशेष माह में व्रत रखने के प्रचलन की शुरुआत हुई। जिस तरह गुड फ्राइडे के पहले ईसाइयों में 40 दिन के उपवास चलते हैं और जिस तरह इस्लाम में रमजान माह में रोजे (उपवास) रखे जाते हैं उसी तरह हिन्दू धर्म में श्रावण मास को पवित्र और व्रत रखने वाला माह माना गया है। पूरे श्रावण माह में निराहारी या फलाहारी रहने की हिदायत दी गई है। इस व्रत में दूध, शकर, दही, तेल, बैंगन, पत्तेदार सब्जियां, नमकीन या मसालेदार भोजन, मिठाई, सुपारी, मांस और मदिरा का सेवन नहीं किया जाता। श्रावण में पत्तेदार सब्जियां यथा पालक, साग इत्यादि, भाद्रपद में दही, आश्विन में दूध, कार्तिक में प्याज, लहसुन और उड़द की दाल आदि का त्याग कर दिया जाता है।

पूजा विधि- सोमवार को शिव मंदिर जाकर शुद्ध आसन पर बैठकर शिवलिंग का जलाभिषेक करें। 108 बेलपत्र पर राम नाम लिखकर चढ़ाएं। गाय का दूध लें। पहले दूध अर्पित करें। अब इत्र से भगवान को स्नान कराके गुलाल लगाएं। फिर गंगाजल से शिव जी का अभिषेक करें। शहद भी अर्पित करें। पूरे शिवलिंग को पुष्पों, बेलपत्र तथा अबीर , गुलाल, चंदन से समर्पित कर श्रृंगार करें।पीली धोती शिवलिंग पर चढ़ाएं। माता पार्वती को चुनरी चढ़ाएं। पूरे शिव परिवार को जल दें।

भोले बाबा सभी देवो में सबसे सरल और भोले माने गए हैं। इन्‍हें हिंदू धर्म में बड़ी श्रद्धा के साथ पूजा जाता है। माना जाता है कि सावन में शिव जी का व्रत रखने से कुंवारी कन्‍याओं को मनचाहा वर और कुवारें लड़कों को मनचाही वधु की प्राप्‍ति होती है। यदि आपने भी भोले बाबा को प्रसन्‍न करने के लिये सावन सोमवार का व्रत रखा है तो बताए गए शुभ मुहूर्त में जल चढ़ाएं।

विवाह संबंधित बाधाओं के लिए उपाय-

- 108 बेल पत्र ले लें

- हर बेलपत्र पर चन्दन से "राम" लिखें

- इसके बाद एक-एक करके सारे बेलपत्र शिव लिंग पर अर्पित कर दें

- शीघ्र विवाह की प्रार्थना करें। 

सावन में मुख्य रूप से शिव लिंग की पूजा होती है और उस पर जल तथा बेल पत्र अर्पित किया जाता है। अगर सावन के हर सोमवार को विधि पूर्वक भगवान शिव की आराधना करते हैं तो तमाम समस्याओं से मुक्ति पा सकते हैं।

विवाह संबंधित बाधाओं के लिए उपाय-

- 108 बेल पत्र ले लें

- हर बेलपत्र पर चन्दन से "राम" लिखें

- इसके बाद एक-एक करके सारे बेलपत्र शिव लिंग पर अर्पित कर दें

- शीघ्र विवाह की प्रार्थना करें

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