सावन में रखें ये व्रत तो भगवान भोले भण्डारी होंगे प्रसन्न!

नई दिल्ली (10 जुलाई): श्रावण मास में व्रत रखना सबसे श्रेष्ठ माना गया है। व्रत करने से भगवान भोले भण्डारी की कृपा प्राप्त होती है। श्रावण मास पाप को मिटाने वाला और मनोकामना की पूर्ति करने वाला माह है। श्रावण माह से प्रेरित होकर ही सभी धर्मों में विशेष माह में व्रत रखने के प्रचलन की शुरुआत हुई। जिस तरह गुड फ्राइडे के पहले ईसाइयों में 40 दिन के उपवास चलते हैं और जिस तरह इस्लाम में रमजान माह में रोजे (उपवास) रखे जाते हैं उसी तरह हिन्दू धर्म में श्रावण मास को पवित्र और व्रत रखने वाला माह माना गया है। पूरे श्रावण माह में निराहारी या फलाहारी रहने की हिदायत दी गई है। इस व्रत में दूध, शकर, दही, तेल, बैंगन, पत्तेदार सब्जियां, नमकीन या मसालेदार भोजन, मिठाई, सुपारी, मांस और मदिरा का सेवन नहीं किया जाता। श्रावण में पत्तेदार सब्जियां यथा पालक, साग इत्यादि, भाद्रपद में दही, आश्विन में दूध, कार्तिक में प्याज, लहसुन और उड़द की दाल आदि का त्याग कर दिया जाता है।