पाकिस्तान को घेरने के लिए सरकार ने बनाई यह रणनीति

नई दिल्ली (6 अक्टूबर): सार्क में पाकिस्तान को सबक सीखने के बाद भारत ने अब नई योजना पर काम करना शुरू कर दिया है। भारत सरकार ने आतंकवादी नेटवर्कों को तबाह करने के लिए आसियान के सदस्य देशों से सहयोग मांगा है।

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने आसियान रीजनल फोरम के रक्षा शिक्षा संस्थानों के प्रमुखों से मुलाकात की। अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने कहा कि आतंकवाद हमारी सबसे बड़ी चुनौती है। आतंकवाद का हर जगह विरोध किया जाना चाहिए, इसे सरकारी नीति बनाने को अवैध माना जाना चाहिए और आतंकी नेटवर्कों को ढूंढने और उन्हें बर्बाद करने में सहयोग करना चाहिए।

सूत्रों के मुताबिक, पिछले एक हफ्ते के दौरान आसियान के देशों से लगातार राजनयिक संपर्क किया जा रहा है। सिंगापुर के पीएम ली सेन लूंग 3 अक्टूबर से भारत की यात्रा पर हैं। लूंग ने अपने बयान में आतंकवाद की कड़ी निंदा की है। म्यांमार की विदेश मंत्री आंस सान सू ची और थाइलैंड के पीएम प्रयुत चान-ओ-चा, बिम्सटेक की मीटिंग में भाग लेने के लिए जल्द भारत आने वाले हैं। माना जा रहा है कि वह भी आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का साथ देंगे।

आसियान में भारत के अलावा सिंगापुर, थाइलैंड, विएतनाम, फिलीपीन्स, म्यांमार, मलेशिया, लाओस, इंडोनेशिया, कंबोडिया और ब्रूनेई हैं। इस संगठन के सदस्य देशों का भारत के साथ काफी ज्यादा व्यापार है, जबकि पाकिस्तान के साथ इनका काफी कम व्यापार होता है।