'सामना' में शिवसेना का सरकार पर हमला

नई दिल्ली (30 सितंबर): शिवसेना ने एकबार फिर केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की फडनवीस सरकार पर निशाना साधा है। शिवसेना ने अपने मुख पत्र सामना के संपादकीय में लिख है कि बुलेट ट्रेन की मस्ती एलफिंस्टन के पुल पर 22 मासूमो की जान लेने पर भी नही शांत हुई होगी तो उसे बुलेट मस्ती का नशा उतारने का बीड़ा उठाना होगा। सामना के संपादकीय में लिखा है कि 'चलो नई लड़ाई की रणभेरी फुकें' !

सामना के संपादकीय में कहा गया है कि एक ओर प्रधानमंत्री और रेलमंत्री अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन की तैयारी कर रहे है, महाराष्ट्र सरकार उसके लिये 30 हजार करोड़ रुपये की सहायता भी करने जा रही है, दूसरी और मुंबई के रेल हादसे में 22 लोगों की मौत हो जाती है। इसे क्या कहे?

सामना के संपादकीय में कहा गया है कि महाराष्ट्र के जनता के जीवन में आनंद का वो पल आयगा या नहीं। ऐसा सवाल मन में उठने लगा है। सरकार ने जनता को मौत के गड्ढे में धकेल दिया है। सामना में कहा गया है एलफिंस्टन स्टेशन के हादसे ने मुंबईकरों की दशहरा की खुशी में जहर घोलने का काम किया है, बुलेट ट्रेन मुंबईकरों के किस काम की ? साथ ही समाने में लिखा गया है कि पहले रेलवे प्लेटफार्म, पुल, पटरियां, और लोकल गाड़ियों को सुधारो, वहां रोज ही मौतें हो रही है, वो क्या 1 बुलेट ट्रेन से खत्म होनेवाली है ?

सामना में कहा गया है कि एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन हादसे पर प्रधानमंत्री ने संवेदना व्यक्त की है, जब किसान आत्महत्या करता है उस वक्त भी ऐसी संवेदना व्यक्त होती है। लेकिन नई सरकार 3 साल से कर क्या रही है ?