अडानी और स्वीडन की कंपनी मिलकर भारत में बनाएंगे लड़ाकू विमान

नई दिल्ली ( 1 सितंबर ): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया योजना के तहत अब अडानी की कंपनी और स्वीडन की साब कंपनी पार्टनरशिप करते हुए लड़ाकू विमान बनाएंगे। अमेरिका का अत्याधुनिक लड़ाकू विमान एफ-16 देश में ही बनाने के लिए टाटा और लॉकहिड मार्टिन के बीच हुए करार के बाद अडानी समूह ने भारत में लड़ाकू विमान 'ग्रिपिन' बनाने के लिए स्वीडन की रक्षा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी साब के साथ समझौता किया है। 

भारतीय वायु सेना द्वारा सामरिक साझेदारी के जरिये मेक इन इंडिया योजना के तहत आने वाले समय में एक इंजन वाले लगभग सौ लड़ाकू विमान खरीदे जाने की योजना के मद्देनजर साब और लॉकहिड मार्टिन ने भारतीय कंपनियों से हाथ मिलाया है। 
         
सरकार ने गत जुलाई में ही रक्षा खरीद नीति के महत्वपूर्ण अध्याय सामरिक भागीदारी को अंतिम रूप दिया था जिसके तहत विदेशी कंपनी रक्षा क्षेत्र में भारतीय भागीदार के साथ मिलकर मेक इन इंडिया के तहत लड़ाकू विमान, हेलिकॉप्टर, बख्तरबंद वाहन और पनडुब्बी बना सकती हैं। 

वायु सेना की इस जरूरत के मद्देनजर लड़ाकू विमान बनाने वाली दुनिया की बडी कंपनियों की नजर यह सौदा हथियाने पर लगी है और इसे देखते हुए ही पहले लॉकहिड मार्टिन ने टाटा समूह के साथ मिलकर एफ -16 और फिर साब ने अडानी समूह के साथ मिलकर ग्रिपिन विमान बनाने के लिए हाथ मिलाया है। 

लड़ाकू विमानों की बेहद कमी से जूझ रही वायु सेना को बूढे हो चुके मिग -21 और मिग -27 विमानों की जगह लगभग 200 लडाकू विमानों की जरूरत है जो देश में ही बनाये जाने वाले एक इंजन के लडाकू विमान तेजस के साथ मिलकर वायु सेना की जरूरतों को पूरा करेंगे।