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जल्द ही भारत का भौगोलिक हिस्सा होगा पीओके- विदेश मंत्री एस जयशंकर

जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद पाक अधिकृत कश्मीर को भारत में मिलाने की मांग तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पीओके को भारतीय हिस्सा बताते हुए एक बड़ा बयान दिया है

S Jaishankar

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (17 सितंबर): जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद पाक अधिकृत कश्मीर को  भारत में मिलाने की मांग तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पीओके को भारतीय हिस्सा बताते हुए एक बड़ा बयान दिया है। विदेश मंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पीओके एक दिन भारत का भौगोलिक हिस्सा होगा। जयशंकर ने कहा कि जबतक पड़ोसी देश आतंकवाद को बढ़ावा देना नहीं रोकेगा तबतक उससे बातचीत नहीं होगी।

पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत 'पड़ोस प्रथमकी नीति को आगे बढ़ा रहा है लेकिन उसके समक्ष एक पड़ोसी की अलग तरह की चुनौती है जिसे सामान्य व्यवहार करने और सीमापार आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने की जरूरत है।  जयशंकर ने अपने मंत्रालय के कामकाज के 100 दिनों की उपलब्धियां भी गिनायीं। उन्होंने कहा कि इस अवधि में सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धियां राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के लक्ष्यों के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने की है। विदेश मंत्री ने पीओके पर कहा कि इस मामले में भारत की स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट है। पीओके भारत का हिस्सा है। विदेश मंत्री ने कहा, 'भारत की आवाज अब वैश्विक मंच पर कहीं अधिक सुनी जा रही, चाहे वह जी 20 हो या जलवायु सम्मेलन हो।' उन्होंने कहा कि सरकार के पहले 100 दिनों के कार्यकाल में 'पड़ोस प्रथमको मजबूती से आगे बढ़ाया गया और खास तौर पर सम्पर्क एवं वाणिज्य पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने पड़ोस में मालदीव, श्रीलंका, भूटान जैसे देशों की यात्रा की।

इस दौरान विदेश मंत्री ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंध काफी आगे बढ़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि दोनों देशों के बीच संबंध बहुत अच्छी स्थिति में है। विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि रविवार को ह्यूस्टन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 'हाउडी, मोदी!' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होंगे यह बड़े सम्मान की बात है। विदेश मंत्री ने कहा कि वह स्वयं भूटान, बांग्लादेश, मालदीव गए। इन यात्राओं के दौरान परियोजनाओं पर ध्यान देने के साथ ही कारोबारी संबंध तथा लोगों के बीच संबंधों पर खास जोर दिया गया। पाकिस्तान का नाम लिये बिना उन्होंने कहा, 'हमें एक पड़ोसी से अलग तरह की चुनौती है, उसके एक सामान्य पड़ोसी बनने और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने तक यह बनी रहेगी। जयशंकर ने यह भी कहा कि सीमा पार से होने वाले आतंकवाद, अनुच्छेद 370 को हटाये जाने जैसे मुद्दे पर भारत के पक्ष से वैश्विक जगत को अवगत कराया गया।

आपको बता दें कि जम्मू और कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद से मोदी सरकार के कई मंत्री पीओके को लेकर बयान दे चुके हैं। हाल ही में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा था कि अगला एजेंडा पीओके को फिर से हासिल करना है। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिनों की सबसे बड़ी उपलब्धियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा था कि हमारा अगला एजेंडा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाना है।

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