बहुत टॉर्चर किया गया, सोचकर रूह कांप जाती है: कंडक्टर अशोक

नई दिल्ली(23 नवंबर): गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल के दूसरी के छात्र प्रद्युम्न की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कंडक्टर अशोक को बुधवार को जेल से जमानत पर रिहा हो गया। 75 दिन बाद भोंडसी जेल से निकलकर वह घामडौज में अपने घर पहुंचा। रिहा होने के बाद अशोक ने मीडिया को बताया कि जेल में उसे किसी तरह की परेशानी नहीं हुई, लेकिन पुलिस हिरासत के दौरान उसने जीते जी नरक भोग लिया है। उसे इस कदर टॉर्चर किया गया कि अब वह सब सोचते हुए भी रूह कांपती है। आखिरकार वह बाहर आ गया और इसके लिए वह भगवान व मीडिया का धन्यवाद करता है। 

- अशोक की पत्नी ममता ने बताया कि पति के घर लौटने की जितनी खुशी है, उतना ही दुख प्रद्युम्न की मौत का भी है। ममता ने कहा कि पुलिस ने अशोक को उल्टा लटकाकर मारा, टॉर्चर किया और गुनाह कबूलने के लिए नशा भी दिया। मामले में अब सीबीआई की जांच सही दिशा में जा रही है। हमें पूरी उम्मीद है कि सीबीआई जांच पूरी कर दोषी को सजा दिलाएगी। साथ ही इस हत्याकांड में अशोक को फंसाने वालों के खिलाफ भी सीबीआई को कार्रवाई करनी चाहिए। 

- अशोक की मां केला देवी ने बताया कि बेटे के घर आने की बेहद खुशी है। उसके लिए हरा साग और दाल-रोटी बनाकर रखी है। बेटे की तबीयत कुछ खराब होने की सूचना मिली है लेकिन अब सब ठीक हो जाएगा। वहीं, अशोक को बुखार के चलते रात करीब पौने 9 बजे गांव से ही डॉक्टर बुलाया गया। डॉक्टर ने उसे इंजेक्शन लगाकर दवा भी दी।