रूस और बेलारूस के युद्धाभ्यास से नाटो देशों के कान खड़े

नई दिल्ल्ली (15 सितंबर): सोबियत संघ के विघटन के बाद रूस की पहली बार सबसे बड़े युद्धाभ्यास को लेकर नाटो देशों के कान खड़े हो गये हैं। रूस और बेलारूस के इस संयुक्त युद्धाभ्या को ज़ैपेड-2017 दिया गया है। नाटो देशों को भय है कि रूस ऐसे ही युद्धाभ्यासों की आड़ में पड़ोसी देश पर कब्जा कर सकता है। क्रीमिया और पूर्वी उक्रैन को इसका उदाहरण देते हुए नाटो देशों ने कहा है कि बेलारूस में रूस की सेनाओं की तैनाती की मंशा कुछ और ही नजर आती है।