तीसरे विश्व युद्ध की आहट: रूस ने पनडुब्बी से किया परमाणु हथियार ढोने वाले रॉकेट का परीक्षण

नई दिल्ली (14 अ‍क्टूबर): रूस ने कुछ दिन पहले एक और बैलेस्टिक मिसाइल का टेस्ट किया। लेकिन तीसरे विश्व युद्ध के संकेत देने के बाद अब उसने जापान के उत्‍तर में मौजूद अपनी सबमरीन से परमाणु हथियार ढो सकने वाली इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का सफल टेस्‍ट किया। रूस की मीडिया की मानें तो यह एक सफल परीक्षण था।

सीरिया के गृहयुद्ध के बीच रूस और अमेरिका लगातार शक्ति प्रदर्शन में लगे हुए हैं। डिया रिपोट्र्स के मुताबिक रूस की सेना ने जापान के उत्तर में तैनात अपनी पनडुब्बी से परमाणु हथियार ढोने की क्षमता वाले एक रॉकेट का परीक्षण किया है। रूस के इस कदम को अंतरराष्ट्रीय समझौतों को तोडऩे वाला बताया जा रहा है, लेकिन सीरिया संकट को लेकर इस बार रूस किसी समझौते के मूड में नहीं दिख रहा है। वहीं ग्लोबल मीडिया रूस के इस कदम को तीसरे विश्व युद्ध की आहट के तौर पर देख रहा है।

सीरिया के संकट को देखते हुए रूस ने अपना लीथल एस 400 एयर डिफेंस सिस्टम भी तैनात कर दिया है। ये आसमान पर ऐसी नज़र रखता है कि कोई भी इसे चुनौती नहीं दे सकता। दिन हो या रात ये 24 घंटे चौकन्ना रहकर दुश्मन को नेस्तेनाबूद कर सकता है। ये हवा से हवा में ही फाइटर प्लेन, मिसाइल और यहां तक कि बॉम्ब को भी निशाना बना सकता है।

सीरिया में 2011 से गृहयुद्ध के हालात हैं और विश्व की दो महाशक्तियों में इसी को लेकर तनाव है। सीरिया की बशर अल असद सरकार और विद्रोहियों के बीच युद्ध चल रहा है। अमेरिका जहां असद विरोधियों के साथ है, वहीं रूस असद सरकार को मदद कर रहा है। रूस एलेप्पो में असद सरकार की मदद के लिए बमबारी भी कर रहा है। पिछले महीने युद्धविराम खत्म हो जाने के बाद से ही ये बमबारी लगातार जारी है।

पूर्वी एलेप्पो में ढाई से 3 लाख लोग फंसे हुए हैं 1 लाख बच्चों की ज़िंदगी खतरे में पड़ गई है 22 अगस्त से लोगों तक कोई मदद नहीं पहुंच पा रही पानी भी सिर्फ कुछ लोगों तक ही पहुंच पा रहा है हवाई हमले में सबसे बड़ा हॉस्पिटल भी नष्ट हो चुका है