अमेरिका और रूस के पास हैं यह बेहतरीन मिसाइल

नई दिल्‍ली (28 जनवरी): सिर्फ उत्तर कोरिया ही लंबी दूरी के मारक क्षमता वाले मिसाइलों का परीक्षण नहीं कर रहा है। अमेरिका और रूस ने भी अपनी मिसाइल तकनीक को दुनिया में किसी भी देश से ज्यादा कारगर तरीके से विकसित किया है। अमेरिका और रूस के पास एक से बढ़कर एक मिसाइलें हैं और इस कड़ी में सबसे अहम नाम है मिसाइल मिनुटेमन-3, जो दस हज़ार किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन को बर्बाद कर सकता है।

मिसाइल मिनुटेमन-3 अमेरिका की वो ताकत जो दस हज़ार किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन को बर्बाद कर सकती है। यानि मिसाइल मिनुटेमन-3 अगर अमेरिका से दागी जाए तो वो नॉर्थ कोरिया, चीन और रूस और पाकिस्तान तक को अपनी चपेट में ले सकती है। मिसाइल मिनुटेमन-3 अमेरिका के सभी मिसाइलों में सबसे घातक और लंबी दूरी वाली है।

अमेरिका की मिनुटेमन-3 यह मिसाइल 13,000 किलोमीटर तक वार कर सकती है। अमेरिका के पास 500 की संख्या में ये मिसाइल मौजूद है, जो अगले चार साल यानि 2020 तक के लिए सेवारत है। अमेरिका रक्षा विभाक के मुताबिक 2020 में मिनुटेमन-4 इसकी जगह ले लेगी, जिसके लिए काम चल रहा है। मिसाइल मिनुटेमन-3 को तैयार करने के लिए अमेरिका ने मोटी रकम भी खर्च की है। इसे बनाने में 70 लाख डॉलर का खर्च आया है और इसका वज़न 35 हज़ार किलो ग्राम है।

अमेरिका की ट्राइडेंट डी-5 यह मिसाइल 12,000 किलोमीटर तक वार कर सकती है और 2,800 किलोग्राम तक विस्फोटक ले जा सकती है। ट्राइडेंट डी-5 के अलावा बीजीएम-109 टॉमहॉक भी अमेरिका के खास हथियारों में से एक है। ये मध्यम से लंबी दूरी तक मार करने की सबसे खतरनाक मिसाइल है। टॉम हॉक 1500 किलोमीटर की दूरी से अपना लक्ष्य साध कर हमला करती है। अमेरिका इन मिसाइलों के इस्तेमाल से आईएसआईएस को पछाड़ने में लगा हुआ है। कहते हैं कि इन मिसाइलों को पकड़ पाना बेहद मुश्किल है, जो छोड़े जाने के महज कुछ ही देर में अपने लक्ष्य को तहस नहस कर देती हैं। ये सबसोनिक क्रूज मिसाइलों की श्रेणी में सबसे खतरनाक मिसाइल है। टॉमहॉक ने सबसे पहले 1991 के खाड़ी युद्ध में अपना जौहर दिखाया था।

भले ही अमेरिका के पास इतने खतरनाक मिसाइल हैं, लेकिन दुनिया में रूस इकलौता देश है जिसकी मिसाइल ताकत से अमेरिका भी खौफ खाता है। रूस की जिस मिसाइल से अमेरिका को भी डर लगता है उसका नाम है आर-36 एम।

रूस की आर-36 आर-36 एम दुनिया की सबसे लंबी दूरी तक मार करने वाली और परमाणु बम ले जाने में सक्षम मिसाइल है। यानि दुनिया के कई देश रूस की इस मिसाइल के निशाने पर आ सकता है। इसकी मारक क्षमता 16000 किलोमीटर है। रफ्तार में भी इसका कोई सानी नहीं है और इसकी स्पीड 7.98 किलोमीटर प्रति सेकेंड है। इसके अलावा आर-36 एम दुनिया की सबसे ज्यादा भार अपने साथ ले जाने में सक्षम है। ये अपने साथ 550 किलोग्राम वजनी परमाणु बम ले जाने में सक्षम है। रूस ने इसे कोल्ड वार के दौरान तैयार किया था। इसके अलावा रूस के पास और मिसाइलें हैं जो उसकी ताकत को काफी बढ़ाती हैं।