भारत को डिफेंस सिस्टम देगा रूस, एक साथ गिरा सकेंगे 36 मिसाइलें, पाक-चीन की उड़ी नींद

नई दिल्ली ( 2 जून ): पीएम मोदी रूस के दौरे पर हैं और गुरुवार को व्लादिमीर पुतिन से उनकी मुलाकात हुई। इस दौरान कई समझौते हुए, सबसे अहम समझौता एस-400 डिफेंस सिस्टम को लेकर रहा। इस पर डील पक्की हो गई है और जल्द ही ये भारत को मिल सकता है।

बता दें कि यह डिफेंस सिस्टम एक साथ 36 मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम है। खासकर पाकिस्तान और चीन से हमले की स्थिति में भारत इस सिस्टम का बेहतर इस्लेमाल कर सकेगा। भारत और रूस के बीच मिसाइल डिफेंस सिस्टम को लेकर साल से ही बातचीत चल रही थी। समझा जा रहा है कि रूस की हामी के साथ ही यह डील अब पक्की हो गई है।

पिछले साल गोवा में हुए ब्रिक्स समिट के दौरान ही 32 हजार करोड़ से ज्यादा की डिफेंस डील हुई थी, जिसके तहत भारत रूस से पांच 'S-400 एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम' और 200 'कामोव केए-226 टी' हेलिकॉप्टर खरीदेगा। 40 हेलिकॉप्टर रूस से आएंगे और बाकी देश में ही बनेंगे। मोदी के दौरे के बीच रूस के उपप्रधानमंत्री दिमित्री रोगोजिन ने ऐलान किया है कि भारत को विमान भेदी मिसाइल प्रणाली एस-400 की आपूर्ति को लेकर प्रीकान्ट्रैक्ट तैयारियां जारी हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि यह कहना मुश्किल है कि इसमें और कितना वक्त लगेगा। फिलहाल सरकारों के बीच एक समझौता है और अब हम शर्तों पर सामान्य रूप से चर्चा कर रहे हैं।

चीन के पास पहले से ही ये डिफेंस सिस्टम मौजूद है, पर अब ये हमे भी मिल जाएगा। ऐसे में अब हमें चीन को टक्कर देने में आसनी होगी। चीन ने भी रूस से ही यह डिफेंस सिस्टम खरीदा था। फिलहाल चीन की आर्मी इसका इस्तेमाल करती है। बता दें कि भारत को पाकिस्तान के साथ-साथ चीन की ओर से भी मिसाइल हमलों और हवाई हमलों का खतरा रहता है। इसलिए एस-400 वायु सुरक्षा प्रणाली की बहुत काम आ सकती है।